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आश्चर्यजनक बातें
बाइबल में भेदिए और जासूस
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 34 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
- यूसुफ अपने भाइयों पर दोष लगाता है: “तुम भेदिए हो”उत्प 42:9, उत्प 42:14
पद
उत्प 42:9तब यूसुफ अपने उन स्वप्नों को स्मरण करके जो उसने उनके विषय में देखे थे, उनसे कहने लगा, “तुम भेदिए हो; इस देश की दुर्दशा को देखने के लिये आए हो।”
उत्प 42:14तब यूसुफ ने उनसे कहा, “मैंने तो तुम से कह दिया, कि तुम भेदिए हो;
- भाई उत्तर देते हैं: “हम सीधे मनुष्य हैं, तेरे दास भेदिए नहीं”उत्प 42:11
पद
उत्प 42:11हम सब एक ही पिता के पुत्र हैं, हम सीधे मनुष्य हैं, तेरे दास भेदिए नहीं।”
बारह भेदिए
- मूसा कनान का भेद लेने के लिये हर गोत्र से एक प्रधान पुरुष भेजता हैगिन 13:2, व्यव 1:23
- उनकी आज्ञा: देखो कि लोग बलवान हैं या निर्बल, थोड़े हैं या बहुतगिन 13:17–18
पद
गिन 13:17–18उनको कनान देश के भेद लेने को भेजते समय मूसा ने कहा, “इधर से, अर्थात् दक्षिण देश होकर जाओ, और पहाड़ी देश में जाकर उस देश को देख लो कि कैसा है, और उसमें बसे हुए लोगों को भी देखो कि वे बलवान हैं या निर्बल, थोड़े हैं या बहुत,
- वे सीन नामक जंगल से रहोब तक गएगिन 13:21
पद
गिन 13:21इसलिए वे चल दिए, और सीन नामक जंगल से ले रहोब तक, जो हमात के मार्ग में है, सारे देश को देख-भाल कर उसका भेद लिया।
- एशकोल में दो मनुष्य दाखों का एक ही गुच्छा लाठी पर लटकाए ले चलेगिन 13:23
पद
गिन 13:23तब वे एशकोल नामक नाले तक गए, और वहाँ से एक डाली दाखों के गुच्छे समेत तोड़ ली, और दो मनुष्य उसे एक लाठी पर लटकाए हुए उठा ले चले गए; और वे अनारों और अंजीरों में से भी कुछ कुछ ले आए।
- वे चालीस दिन के बाद लौट आएगिन 13:25
पद
गिन 13:25चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौट आए।
- उनका वर्णन: दूध और मधु की धाराओंवाला देश, पर गढ़वाले नगरगिन 13:27–28
पद
गिन 13:27–28उन्होंने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, “जिस देश में तूने हमको भेजा था उसमें हम गए; उसमें सचमुच दूध और मधु की धाराएँ बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है। परन्तु उस देश के निवासी बलवान हैं, और उसके नगर गढ़वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हमने वहाँ अनाकवंशियों को भी देखा।
- कालेब: “निःसन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है”; दूसरों ने विरोध कियागिन 13:30–31
पद
गिन 13:30–31पर कालेब ने मूसा के सामने प्रजा के लोगों को चुप कराने के विचार से कहा, “हम अभी चढ़कर उस देश को अपना कर लें; क्योंकि निःसन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।” पर जो पुरुष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, “उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान हैं।”
- “हम अपनी दृष्टि में तो उनके सामने टिड्डे के समान दिखाई पड़ते थे”गिन 13:33
पद
गिन 13:33फिर हमने वहाँ नपीलों को, अर्थात् नपीली जातिवाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके सामने टिड्डे के समान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।”
- चालीस दिन का भेद लेना जंगल में चालीस वर्ष बन गया, एक दिन के बदले एक वर्षगिन 14:34
पद
गिन 14:34जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, एक दिन के बदले एक वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
- भेदियों में से केवल यहोशू और कालेब जीवित रहेगिन 14:36–38
पद
गिन 14:36–38तब जिन पुरुषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्होंने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था, उस देश की वे नामधराई करनेवाले पुरुष यहोवा के मारने से उसके सामने मर गये। परन्तु देश के भेद लेनेवाले पुरुषों में से नून का पुत्र यहोशू और यपुन्ने का पुत्र कालेब दोनों जीवित रहे।
यरीहो और राहाब
- यहोशू शित्तीम से दो भेदियों को चुपके से भेजता है; वे राहाब के घर ठहरते हैंयहो 2:1
पद
यहो 2:1तब नून के पुत्र यहोशू ने दो भेदियों को शित्तीम से चुपके से भेज दिया, और उनसे कहा, “जाकर उस देश और यरीहो को देखो।” तुरन्त वे चल दिए, और राहाब नामक किसी वेश्या के घर में जाकर सो गए।
- राहाब उन्हें अपनी छत पर सनई की लकड़ियों के नीचे छिपाती हैयहो 2:4–6
पद
यहो 2:4–6उस स्त्री ने दोनों पुरुषों को छिपा रखा; और इस प्रकार कहा, “मेरे पास कई पुरुष आए तो थे, परन्तु मैं नहीं जानती कि वे कहाँ के थे; और जब अंधेरा हुआ, और फाटक बन्द होने लगा, तब वे निकल गए; मुझे मालूम नहीं कि वे कहाँ गए; तुम फुर्ती करके उनका पीछा करो तो उन्हें जा पकड़ोगे।” उसने उनको घर की छत पर चढ़ाकर सनई की लकड़ियों के नीचे छिपा दिया था जो उसने छत पर सजा कर रखी थी।
- वह शहरपनाह पर बने अपने घर से उन्हें रस्सी के बल उतार देती हैयहो 2:15
पद
यहो 2:15तब राहाब जिसका घर शहरपनाह पर बना था, और वह वहीं रहती थी, उसने उनको खिड़की से रस्सी के बल उतार के नगर के बाहर कर दिया।
- ठहराया हुआ चिन्ह: खिड़की में बँधी लाल रंग के सूत की डोरीयहो 2:18
पद
यहो 2:18सुन, जब हम लोग इस देश में आएँगे, तब जिस खिड़की से तूने हमको उतारा है उसमें यही लाल रंग के सूत की डोरी बाँध देना; और अपने माता पिता, भाइयों, वरन् अपने पिता के घराने को इसी घर में अपने पास इकट्ठा कर रखना।
- वे तीन दिन पहाड़ पर छिपे रहते हैं, फिर यहोशू को समाचार देते हैंयहो 2:16, यहो 2:22–23
पद
यहो 2:16और उसने उनसे कहा, “पहाड़ को चले जाओ, ऐसा न हो कि खोजनेवाले तुम को पाएँ; इसलिए जब तक तुम्हारे खोजनेवाले लौट न आएँ तब तक, अर्थात् तीन दिन वहीं छिपे रहना, उसके बाद अपना मार्ग लेना।”
यहो 2:22–23और वे जाकर पहाड़ तक पहुँचे, और वहाँ खोजनेवालों के लौटने तक, अर्थात् तीन दिन तक रहे; और खोजनेवाले उनको सारे मार्ग में ढूँढ़ते रहे और कहीं न पाया। तब वे दोनों पुरुष पहाड़ से उतरे, और पार जाकर नून के पुत्र यहोशू के पास पहुँचकर जो कुछ उन पर बीता था उसका वर्णन किया।
- दोनों भेदिए राहाब और उसके सारे घराने को निकाल लाते हैंयहो 6:22–23
पद
यहो 6:22–23तब यहोशू ने उन दोनों पुरुषों से जो उस देश का भेद लेने गए थे कहा, “अपनी शपथ के अनुसार उस वेश्या के घर में जाकर उसको और जो उसके पास हों उन्हें भी निकाल ले आओ।” तब वे दोनों जवान भेदिए भीतर जाकर राहाब को, और उसके माता-पिता, भाइयों, और सब को जो उसके यहाँ रहते थे, वरन् उसके सब कुटुम्बियों को निकाल लाए, और इस्राएल की छावनी से बाहर बैठा दिया।
- इब्रानियों और याकूब की पत्रियाँ भेदियों को कुशल से रखने के लिये राहाब को स्मरण करती हैंइब्रा 11:31, याकू 2:25
पद
इब्रा 11:31विश्वास ही से राहाब वेश्या आज्ञा न माननेवालों के साथ नाश नहीं हुई; इसलिए कि उसने भेदियों को कुशल से रखा था।
याकू 2:25वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उसने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्या कर्मों से धार्मिक न ठहरी?
अन्य भेदिए
- याजेर का भेद लेने के बाद इस्राएल ने उसके गाँव ले लिएगिन 21:32
पद
गिन 21:32तब मूसा ने याजेर नगर का भेद लेने को भेजा; और उन्होंने उसके गाँवों को ले लिया, और वहाँ के एमोरियों को उस देश से निकाल दिया।
- आई का भेद लेनेवाले कहते हैं: दो-तीन हजार पुरुष काफ़ी हैंयहो 7:2–3
पद
यहो 7:2–3यहोशू ने यरीहो से आई नामक नगर के पास, जो बेतावेन से लगा हुआ बेतेल की पूर्व की ओर है, कुछ पुरुषों को यह कहकर भेजा, “जाकर देश का भेद ले आओ।” और उन पुरुषों ने जाकर आई का भेद लिया। और उन्होंने यहोशू के पास लौटकर कहा, “सब लोग वहाँ न जाएँ, कोई दो तीन हजार पुरुष जाकर आई को जीत सकते हैं; सब लोगों को वहाँ जाने का कष्ट न दे, क्योंकि वे लोग थोड़े ही हैं।”
- पाँच दानी लैश का भेद लेते हैं: निडर लोग, जिनका कोई सहायक नहींन्याय 18:2, न्याय 18:7
पद
न्याय 18:2तब दानियों ने अपने समस्त कुल में से पाँच शूरवीरों को सोरा और एश्ताओल से देश का भेद लेने और उसमें छानबीन करने के लिये यह कहकर भेज दिया, “जाकर देश में छानबीन करो।” इसलिए वे एप्रैम के पहाड़ी देश में मीका के घर तक जाकर वहाँ टिक गए।
न्याय 18:7तब वे पाँच मनुष्य चल निकले, और लैश को जाकर वहाँ के लोगों को देखा कि सीदोनियों के समान निडर, बेखटके, और शान्ति से रहते हैं; और इस देश का कोई अधिकारी नहीं है, जो उन्हें किसी काम में रोके, और ये सीदोनियों से दूर रहते हैं, और दूसरे मनुष्यों से कोई व्यवहार नहीं रखते।
- दाऊद भेदिए भेजकर निश्चय कर लेता है कि शाऊल सचमुच आ गया है1 शमू 26:4
पद
1 शमू 26:4तब दाऊद ने भेदियों को भेजकर निश्चय कर लिया कि शाऊल सचमुच आ गया है।
- अम्मोनी हाकिम सन्देह करते हैं कि दाऊद के शान्ति देनेवाले भेदिए हैं2 शमू 10:3
पद
2 शमू 10:3परन्तु अम्मोनियों के हाकिम अपने स्वामी हानून से कहने लगे, “दाऊद ने जो तेरे पास शान्ति देनेवाले भेजे हैं, वह क्या तेरी समझ में तेरे पिता का आदर करने के विचार से भेजे गए हैं? वह क्या दाऊद ने अपने कर्मचारियों को तेरे पास इसी विचार से नहीं भेजा कि इस नगर में ढूँढ़-ढाँढ़ करके और इसका भेद लेकर इसको उलट दे?”
- अबशालोम गोत्रों में भेदिए भेजता है: नरसिंगा सुनकर कहना, “अबशालोम हेब्रोन में राजा हुआ!”2 शमू 15:10
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2 शमू 15:10तब अबशालोम ने इस्राएल के समस्त गोत्रों में यह कहने के लिये भेदिए भेजे, “जब नरसिंगे का शब्द तुम को सुनाई पड़े, तब कहना, ‘अबशालोम हेब्रोन में राजा हुआ!’”
- याजकों के पुत्र अहीमास और योनातान दाऊद के पास समाचार पहुँचाने को हैं2 शमू 15:35–36
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2 शमू 15:35–36और क्या वहाँ तेरे संग सादोक और एब्यातार याजक न रहेंगे? इसलिए राजभवन में से जो हाल तुझे सुनाई पड़े, उसे सादोक और एब्यातार याजकों को बताया करना। उनके साथ तो उनके दो पुत्र, अर्थात् सादोक का पुत्र अहीमास, और एब्यातार का पुत्र योनातान, वहाँ रहेंगे; तो जो समाचार तुम लोगों को मिले उसे मेरे पास उन्हीं के हाथ भेजा करना।”
- एनरोगेल पर एक दासी उन्हें सन्देशा देती है; वे एक कुएँ में छिप जाते हैं2 शमू 17:17–19
पद
2 शमू 17:17–19योनातान और अहीमास एनरोगेल के पास ठहरे रहे; और एक दासी जाकर उन्हें सन्देशा दे आती थी, और वे जाकर राजा दाऊद को सन्देशा देते थे; क्योंकि वे किसी के देखते नगर में नहीं जा सकते थे। एक लड़के ने उन्हें देखकर अबशालोम को बताया; परन्तु वे दोनों फुर्ती से चले गए, और एक बहूरीमवासी मनुष्य के घर पहुँचकर जिसके आँगन में कुआँ था उसमें उतर गए। तब उसकी स्त्री ने कपड़ा लेकर कुएँ के मुँह पर बिछाया, और उसके ऊपर दला हुआ अन्न फैला दिया; इसलिए कुछ मालूम न पड़ा।
- धर्मी का भेष धरे भेदिए यीशु की कोई बात पकड़ने का प्रयत्न करते हैंलूका 20:20
पद
लूका 20:20और वे उसकी ताक में लगे और भेदिए भेजे, कि धर्मी का भेष धरकर उसकी कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे राज्यपाल के हाथ और अधिकार में सौंप दें।
- पौलुस: झूठे भाई हमारी स्वतंत्रता का भेद लेने चोरी से घुस आएगला 2:4
पद
गला 2:4और यह उन झूठे भाइयों के कारण हुआ, जो चोरी से घुस आए थे, कि उस स्वतंत्रता का जो मसीह यीशु में हमें मिली है, भेद कर, हमें दास बनाएँ।
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.