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आश्चर्यजनक बातें

बाइबल में नाज़ीर और उनकी मन्नत

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 27 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।

व्यवस्था में

  • कोई पुरुष या स्त्री नाज़ीर की विशेष मन्नत मान सकता थागिन 6:2
    पद
    गिन 6:2“इस्राएलियों से कह कि जब कोई पुरुष या स्त्री नाज़ीर की मन्नत, अर्थात् अपने को यहोवा के लिये अलग करने की विशेष मन्नत माने,
  • न दाखमधु, न मदिरा, न सिरका, न दाख का रस, न हरी या सूखी दाखगिन 6:3
    पद
    गिन 6:3तब वह दाखमधु और मदिरा से अलग रहे; वह न दाखमधु का, और न मदिरा का सिरका पीए, और न दाख का कुछ रस भी पीए, वरन् दाख न खाए, चाहे हरी हो चाहे सूखी।
  • दाखलता की कोई वस्तु नहीं, न बीज, न छिलकेगिन 6:4
    पद
    गिन 6:4जितने दिन यह अलग रहे उतने दिन तक वह बीज से लेकर छिलके तक, जो कुछ दाखलता से उत्पन्न होता है, उसमें से कुछ न खाए।
  • सिर पर छुरा नहीं: बाल बढ़ते रहेंगिन 6:5
    पद
    गिन 6:5“फिर जितने दिन उसने अलग रहने की मन्नत मानी हो उतने दिन तक वह अपने सिर पर छुरा न फिराए; और जब तक वे दिन पूरे न हों जिनमें वह यहोवा के लिये अलग रहे तब तक वह पवित्र ठहरेगा, और अपने सिर के बालों को बढ़ाए रहे।
  • किसी लोथ के पास नहीं, पिता या माता की भी नहींगिन 6:6–7
    पद
    गिन 6:6–7जितने दिन वह यहोवा के लिये अलग रहे उतने दिन तक किसी लोथ के पास न जाए। चाहे उसका पिता, या माता, या भाई, या बहन भी मरे, तो भी वह उनके कारण अशुद्ध न हो; क्योंकि अपने परमेश्वर के लिये अलग रहने का चिन्ह उसके सिर पर होगा।
  • यदि कोई पास में अचानक मर जाए: सातवें दिन सिर मुँड़ानागिन 6:9
    पद
    गिन 6:9“यदि कोई उसके पास अचानक मर जाए, और उसके अलग रहने का जो चिन्ह उसके सिर पर होगा वह अशुद्ध हो जाए, तो वह शुद्ध होने के दिन, अर्थात् सातवें दिन अपना सिर मुँड़ाएँ।
  • आठवें दिन: दो पंडुक या कबूतरी के दो बच्चेगिन 6:10
    पद
    गिन 6:10और आठवें दिन वह दो पंडुक या कबूतरी के दो बच्चे मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास ले जाए,
  • पहले के दिन व्यर्थ गिने जाते; मन्नत फिर से आरम्भ होतीगिन 6:12
    पद
    गिन 6:12और वह अपने अलग रहने के दिनों को फिर यहोवा के लिये अलग ठहराए, और एक वर्ष का एक भेड़ का बच्चा दोषबलि करके ले आए; और जो दिन इससे पहले बीत गए हों वे व्यर्थ गिने जाएँ, क्योंकि उसके अलग रहने का चिन्ह अशुद्ध हो गया।
  • अन्त में: एक भेड़ का बच्चा, एक भेड़ की बच्ची, एक मेढ़ा और अख़मीरी रोटीगिन 6:13–15
    पद
    गिन 6:13–15“फिर जब नाज़ीर के अलग रहने के दिन पूरे हों, उस समय के लिये उसकी यह व्यवस्था है; अर्थात् वह मिलापवाले तम्बू के द्वार पर पहुँचाया जाए, और वह यहोवा के लिये होमबलि करके एक वर्ष का एक निर्दोष भेड़ का बच्चा पापबलि करके, और एक वर्ष की एक निर्दोष भेड़ की बच्ची, और मेलबलि के लिये एक निर्दोष मेढ़ा, और अख़मीरी रोटियों की एक टोकरी, अर्थात् तेल से सने हुए मैदे के फुलके, और तेल से चुपड़ी हुई अख़मीरी पपड़ियाँ, और उन बलियों के अन्नबलि और अर्घ; ये सब चढ़ावे समीप ले जाए।
  • नाज़ीर अपना सिर मुँड़ाकर बालों को आग पर डालता थागिन 6:18
    पद
    गिन 6:18तब नाज़ीर अपने अलग रहने के चिन्हवाले सिर को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर मुँड़ाकर अपने बालों को उस आग पर डाल दे जो मेलबलि के नीचे होगी।
  • इसके बाद नाज़ीर दाखमधु पी सकता थागिन 6:20
    पद
    गिन 6:20और याजक इनको हिलाने की भेंट करके यहोवा के सामने हिलाए; हिलाई हुई छाती और उठाई हुई जाँघ समेत ये भी याजक के लिये पवित्र ठहरें; इसके बाद वह नाज़ीर दाखमधु पी सकेगा।

जिन नाज़ीरों के नाम हैं

  • शिमशोन की माता न दाखमधु पीए, न कोई अशुद्ध वस्तु खाएन्याय 13:4, न्याय 13:7, न्याय 13:14
    पद
    न्याय 13:4इसलिए अब सावधान रह, कि न तो तू दाखमधु या और किसी भाँति की मदिरा पीए, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाए,
    न्याय 13:7परन्तु उसने मुझसे कहा, ‘सुन तू गर्भवती होगी और तेरे एक बेटा होगा; इसलिए अब न तो दाखमधु या और न किसी भाँति की मदिरा पीना, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाना, क्योंकि वह लड़का जन्म से मरण के दिन तक परमेश्वर का नाज़ीर रहेगा।’”
    न्याय 13:14यह कोई वस्तु जो दाखलता से उत्पन्न होती है न खाए, और न दाखमधु या और किसी भाँति की मदिरा पीए, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाए; और जो आज्ञा मैंने इसको दी थी उसी को यह माने।”
  • शिमशोन जन्म ही से नाज़ीर था; उसके सिर पर छुरा न फिरना थान्याय 13:5
    पद
    न्याय 13:5क्योंकि तू गर्भवती होगी और तेरे एक बेटा उत्पन्न होगा। और उसके सिर पर छुरा न फिरे, क्योंकि वह जन्म ही से परमेश्वर का नाज़ीर रहेगा; और इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा।”
  • शिमशोन: “मेरे सिर पर छुरा कभी नहीं फिरा”न्याय 16:17
    पद
    न्याय 16:17तब उसने अपने मन का सारा भेद खोलकर उससे कहा, “मेरे सिर पर छुरा कभी नहीं फिरा, क्योंकि मैं माँ के पेट ही से परमेश्वर का नाज़ीर हूँ, यदि मैं मुँड़ा जाऊँ, तो मेरा बल इतना घट जाएगा, कि मैं साधारण मनुष्य सा हो जाऊँगा।”
  • दलीला ने उसके सिर की लटें मुँड़वा डालींन्याय 16:19
    पद
    न्याय 16:19तब उसने उसको अपने घुटनों पर सुला रखा; और एक मनुष्य बुलवाकर उसके सिर की सातों लटें मुँण्ड़वा डाली। और वह उसको दबाने लगी, और वह निर्बल हो गया।
  • हन्ना ने मन्नत मानी कि उसके पुत्र के सिर पर छुरा फिरने न पाएगा1 शमू 1:11
    पद
    1 शमू 1:11और उसने यह मन्नत मानी, “हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दुःख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्र दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूँगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।”
  • यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला दाखरस और मदिरा कभी न पीतालूका 1:15, लूका 7:33
    पद
    लूका 1:15क्योंकि वह प्रभु के सामने महान होगा; और दाखरस और मदिरा कभी न पीएगा; और अपनी माता के गर्भ ही से पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाएगा।
    लूका 7:33क्योंकि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला न रोटी खाता आया, न दाखरस पीता आया, और तुम कहते हो, उसमें दुष्टात्मा है।
  • आमोस: तुम्हारे जवानों में से नाज़ीर ठहराए गए, पर तुम ने उन्हें दाखमधु पिलायाआमो 2:11–12
    पद
    आमो 2:11–12और मैंने तुम्हारे पुत्रों में से नबी होने के लिये और तुम्हारे कुछ जवानों में से नाज़ीर होने के लिये ठहराया। हे इस्राएलियों, क्या यह सब सच नहीं है?” यहोवा की यही वाणी है। परन्तु तुम ने नाज़ीरों को दाखमधु पिलाया, और नबियों को आज्ञा दी कि भविष्यद्वाणी न करें।

प्रेरितों के काम में मन्नतें

  • पौलुस ने मन्नत के कारण किंख्रिया में सिर मुँड़ायाप्रेरि 18:18
    पद
    प्रेरि 18:18अतः पौलुस बहुत दिन तक वहाँ रहा, फिर भाइयों से विदा होकर किंख्रिया में इसलिए सिर मुँड़ाया, क्योंकि उसने मन्नत मानी थी और जहाज पर सीरिया को चल दिया और उसके साथ प्रिस्किल्ला और अक्विला थे।
  • पौलुस ने मन्नत माननेवाले चार पुरुषों का खर्च दिया कि वे सिर मुँड़ाएँप्रेरि 21:23–24, प्रेरि 21:26
    पद
    प्रेरि 21:23–24इसलिए जो हम तुझ से कहते हैं, वह कर। हमारे यहाँ चार मनुष्य हैं, जिन्होंने मन्नत मानी है। उन्हें लेकर उसके साथ अपने आपको शुद्ध कर; और उनके लिये खर्चा दे, कि वे सिर मुँड़ाएँ। तब सब जान लेंगे, कि जो बातें उन्हें तेरे विषय में सिखाई गईं, उनकी कुछ जड़ नहीं है परन्तु तू आप भी व्यवस्था को मानकर उसके अनुसार चलता है।
    प्रेरि 21:26तब पौलुस उन मनुष्यों को लेकर, और दूसरे दिन उनके साथ शुद्ध होकर मन्दिर में गया, और वहाँ बता दिया, कि शुद्ध होने के दिन, अर्थात् उनमें से हर एक के लिये चढ़ावा चढ़ाए जाने तक के दिन कब पूरे होंगे।

रेकाबी

  • रेकाबियों ने अपने पुरखा योनादाब की आज्ञा के अनुसार दाखमधु नहीं पियायिर्म 35:6, यिर्म 35:14
    पद
    यिर्म 35:6उन्होंने कहा, “हम दाखमधु न पीएँगे क्योंकि रेकाब के पुत्र योनादाब ने जो हमारा पुरखा था हमको यह आज्ञा दी थी, ‘तुम कभी दाखमधु न पीना; न तुम, न तुम्हारे पुत्र।
    यिर्म 35:14देखो, रेकाब के पुत्र यहोनादाब ने जो आज्ञा अपने वंश को दी थी कि तुम दाखमधु न पीना वह तो मानी गई है यहाँ तक कि आज के दिन भी वे लोग कुछ नहीं पीते, वे अपने पुरखा की आज्ञा मानते हैं; पर यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से कहता आया हूँ, तो भी तुम ने मेरी नहीं सुनी।
  • वे न घर बनाते, न बीज बोते थे, और तम्बुओं में रहते थेयिर्म 35:7
    पद
    यिर्म 35:7न घर बनाना, न बीज बोना, न दाख की बारी लगाना, और न उनके अधिकारी होना; परन्तु जीवन भर तम्बुओं ही में रहना जिससे जिस देश में तुम परदेशी हो, उसमें बहुत दिन तक जीते रहो।’

स्रोत

Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.