अन्वेषण › विषय › बन्दीगृह और जंजीरें
आश्चर्यजनक बातें
बाइबल में बन्दीगृह और जंजीरें
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 45 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
पुराने नियम में
- यूसुफ को उस बन्दीगृह में डाला गया जहाँ राजा के कैदी बन्द थेउत्प 39:20
पद
उत्प 39:20और यूसुफ के स्वामी ने उसको पकड़कर बन्दीगृह में, जहाँ राजा के कैदी बन्द थे, डलवा दिया; अतः वह उस बन्दीगृह में रहा।
- दरोगा ने सब बन्दियों को यूसुफ के हाथ में सौंप दियाउत्प 39:22
पद
उत्प 39:22इसलिए बन्दीगृह के दरोगा ने उन सब बन्दियों को, जो कारागार में थे, यूसुफ के हाथ में सौंप दिया; और जो-जो काम वे वहाँ करते थे, वह उसी की आज्ञा से होता था।
- फ़िरौन के पिलानेहारे और पकानेहारे उसी बन्दीगृह में रखे गएउत्प 40:3
पद
उत्प 40:3उन्हें कैद कराके, अंगरक्षकों के प्रधान के घर के उसी बन्दीगृह में, जहाँ यूसुफ बन्दी था, डलवा दिया।
- यूसुफ बन्दीगृह से निकाला गया, उसने बाल बनवाए और वस्त्र बदलेउत्प 41:14
पद
उत्प 41:14तब फ़िरौन ने यूसुफ को बुलवा भेजा। और वह झटपट बन्दीगृह से बाहर निकाला गया, और बाल बनवाकर, और वस्त्र बदलकर फ़िरौन के सामने आया।
- यूसुफ ने अपने भाइयों को तीन दिन बन्द रखा, फिर शिमोन को बाँध रखाउत्प 42:17, उत्प 42:24
पद
उत्प 42:17तब उसने उनको तीन दिन तक बन्दीगृह में रखा।
उत्प 42:24तब वह उनके पास से हटकर रोने लगा; फिर उनके पास लौटकर और उनसे बातचीत करके उनमें से शिमोन को छाँट निकाला और उनके सामने उसे बन्दी बना लिया।
- अहाब: मीकायाह को बन्दीगृह में डालो, उसे दुःख की रोटी और पानी दो1 राजा 22:27
पद
1 राजा 22:27और उनसे कह, ‘राजा यह कहता है, कि इसको बन्दीगृह में डालो, और जब तक मैं कुशल से न आऊँ, तब तक इसे दुःख की रोटी और पानी दिया करो।’”
- क्रोधित आसा ने हनानी दर्शी को काठ में ठोंकवा दिया2 इति 16:7, 2 इति 16:10
पद
2 इति 16:7उस समय हनानी दर्शी यहूदा के राजा आसा के पास जाकर कहने लगा, “तूने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नहीं रखा वरन् अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
2 इति 16:10तब आसा दर्शी पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वह उसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों पर अत्याचार भी करने लगा।
- अश्शूर के राजा ने राजा होशे को बन्दीगृह में डाल दिया2 राजा 17:4
पद
2 राजा 17:4परन्तु अश्शूर के राजा ने होशे के राजद्रोह की गोष्ठी को जान लिया, क्योंकि उसने सो नामक मिस्र के राजा के पास दूत भेजे थे और अश्शूर के राजा के पास वार्षिक भेंट भेजनी छोड़ दी; इस कारण अश्शूर के राजा ने उसको बन्दी बनाया, और बेड़ी डालकर बन्दीगृह में डाल दिया।
- मनश्शे को नकेल डालकर और पीतल की बेड़ियों से जकड़कर बाबेल ले जाया गया2 इति 33:10–11
पद
2 इति 33:10–11यहोवा ने मनश्शे और उसकी प्रजा से बातें कीं, परन्तु उन्होंने कुछ ध्यान नहीं दिया। तब यहोवा ने उन पर अश्शूर के सेनापतियों से चढ़ाई कराई, और वे मनश्शे को नकेल डालकर, और पीतल की बेड़ियों से जकड़कर, उसे बाबेल को ले गए।
- अंधा किया गया सिदकिय्याह पीतल की बेड़ियों में बाबेल ले जाया गया2 राजा 25:7, यिर्म 52:11
पद
2 राजा 25:7उन्होंने सिदकिय्याह के पुत्रों को उसके सामने घात किया और सिदकिय्याह की आँखें फोड़ डाली और उसे पीतल की बेड़ियों से जकड़कर बाबेल को ले गए।
यिर्म 52:11फिर बाबेल के राजा ने सिदकिय्याह की आँखों को फुड़वा डाला, और उसको बेड़ियों से जकड़कर बाबेल तक ले गया, और उसको बन्दीगृह में डाल दिया। वह मृत्यु के दिन तक वहीं रहा।
- सैंतीस वर्ष बाद यहोयाकीन छोड़ा गया और जीवन भर राजा के सम्मुख भोजन करता रहा2 राजा 25:27–29
पद
2 राजा 25:27–29फिर यहूदा के राजा यहोयाकीन की बँधुआई के तैंतीसवें वर्ष में अर्थात् जिस वर्ष बाबेल का राजा एवील्मरोदक राजगद्दी पर विराजमान हुआ, उसी के बारहवें महीने के सताईसवें दिन को उसने यहूदा के राजा यहोयाकीन को बन्दीगृह से निकालकर बड़ा पद दिया। उससे मधुर-मधुर वचन कहकर जो राजा उसके संग बाबेल में बन्धुए थे उनके सिंहासनों से उसके सिंहासन को अधिक ऊँचा किया, यहोयाकीन ने बन्दीगृह के वस्त्र बदल दिए और उसने जीवन भर नित्य राजा के सम्मुख भोजन किया।
यिर्मयाह
- मार खाकर वह बिन्यामीन के ऊपरी फाटक के पास काठ में डाला गयायिर्म 20:2
पद
यिर्म 20:2तब पशहूर ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को मारा और उसे उस काठ में डाल दिया जो यहोवा के भवन के ऊपर बिन्यामीन के फाटक के पास है।
- योनातान प्रधान के घर के तलघर की एक कोठरी में बन्दीयिर्म 37:15–16
पद
यिर्म 37:15–16तब हाकिमों ने यिर्मयाह से क्रोधित होकर उसे पिटवाया, और योनातान प्रधान के घर में बन्दी बनाकर डलवा दिया; क्योंकि उन्होंने उसको साधारण बन्दीगृह बना दिया था। यिर्मयाह उस तलघर में जिसमें कई एक कोठरियाँ थीं, रहने लगा।
- पहरे के आँगन में रखा गया, प्रतिदिन एक रोटी के साथयिर्म 32:2, यिर्म 37:21
पद
यिर्म 32:2उस समय बाबेल के राजा की सेना ने यरूशलेम को घेर लिया था और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता यहूदा के राजा के पहरे के भवन के आँगन में कैदी था।
यिर्म 37:21तब सिदकिय्याह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आँगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। यिर्मयाह पहरे के आँगन में रहने लगा।
- रस्सियों से एक गड्ढे में उतारा गया जिसमें पानी नहीं, केवल दलदल थायिर्म 38:6
पद
यिर्म 38:6तब उन्होंने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्र मल्किय्याह के उस गड्ढे में जो पहरे के आँगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड्ढे में पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धँस गया।
- रामाह में हथकड़ियों से छुड़ाया गयायिर्म 40:1, यिर्म 40:4
पद
यिर्म 40:1जब अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने यिर्मयाह को रामाह में उन सब यरूशलेमी और यहूदी बन्दियों के बीच हथकड़ियों से बन्धा हुआ पाकर जो बाबेल जाने को थे छुड़ा लिया, उसके बाद यहोवा का वचन उसके पास पहुँचा।
यिर्म 40:4अब मैं तेरी इन हथकड़ियों को काट देता हूँ, और यदि मेरे संग बाबेल में जाना तुझे अच्छा लगे तो चल, वहाँ मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूँगा; और यदि मेरे संग बाबेल जाना तुझे न भाए, तो यहीं रह जा। देख, सारा देश तेरे सामने पड़ा है, जिधर जाना तुझे अच्छा और ठीक लगे उधर ही चला जा।”
नये नियम में
- हेरोदेस ने यूहन्ना को बाँधकर जेलखाने में डाल दियामत्ती 14:3
पद
मत्ती 14:3क्योंकि हेरोदेस ने अपने भाई फिलिप्पुस की पत्नी हेरोदियास के कारण, यूहन्ना को पकड़कर बाँधा, और जेलखाने में डाल दिया था।
- बन्दीगृह से यूहन्ना ने अपने चेलों को यीशु के पास भेजामत्ती 11:2
पद
मत्ती 11:2यूहन्ना ने बन्दीगृह में मसीह के कामों का समाचार सुनकर अपने चेलों को उससे यह पूछने भेजा,
- जेलखाने में यूहन्ना का सिर काटा गयामत्ती 14:10
पद
मत्ती 14:10और उसने जेलखाने में लोगों को भेजकर यूहन्ना का सिर कटवा दिया।
- बरअब्बा बलवे और हत्या के कारण बन्दीगृह में थालूका 23:19
पद
लूका 23:19वह किसी बलवे के कारण जो नगर में हुआ था, और हत्या के कारण बन्दीगृह में डाला गया था।
- यीशु: “मैं बन्दीगृह में था, तुम मुझसे मिलने आए”मत्ती 25:36
पद
मत्ती 25:36मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्दीगृह में था, तुम मुझसे मिलने आए।’
- संध्या हो जाने के कारण पतरस और यूहन्ना को दूसरे दिन तक हवालात में रखा गयाप्रेरि 4:3
पद
प्रेरि 4:3और उन्होंने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हवालात में रखा क्योंकि संध्या हो गई थी।
- बन्दीगृह बन्द था और पहरेदार खड़े थे, फिर भी प्रेरित भीतर न थेप्रेरि 5:18–19, प्रेरि 5:23
पद
प्रेरि 5:18–19और प्रेरितों को पकड़कर बन्दीगृह में बन्द कर दिया। परन्तु रात को प्रभु के एक स्वर्गदूत ने बन्दीगृह के द्वार खोलकर उन्हें बाहर लाकर कहा,
प्रेरि 5:23“हमने बन्दीगृह को बड़ी सावधानी से बन्द किया हुआ, और पहरेवालों को बाहर द्वारों पर खड़े हुए पाया; परन्तु जब खोला, तो भीतर कोई न मिला।”
- कड़े पहरे में पतरस दो सिपाहियों के बीच जंजीरों से बँधा सो रहा थाप्रेरि 12:4, प्रेरि 12:6
पद
प्रेरि 12:4और उसने उसे पकड़कर बन्दीगृह में डाला, और रखवाली के लिये, चार-चार सिपाहियों के चार पहरों में रखा, इस मनसा से कि फसह के बाद उसे लोगों के सामने लाए।
प्रेरि 12:6और जब हेरोदेस उसे उनके सामने लाने को था, तो उसी रात पतरस दो जंजीरों से बंधा हुआ, दो सिपाहियों के बीच में सो रहा था; और पहरेदार द्वार पर बन्दीगृह की रखवाली कर रहे थे।
- जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं, और लोहे का फाटक अपने आप खुल गयाप्रेरि 12:7, प्रेरि 12:10
पद
प्रेरि 12:7तब प्रभु का एक स्वर्गदूत आ खड़ा हुआ और उस कोठरी में ज्योति चमकी, और उसने पतरस की पसली पर हाथ मारकर उसे जगाया, और कहा, “उठ, जल्दी कर।” और उसके हाथ से जंजीरें खुलकर गिर पड़ीं।
प्रेरि 12:10तब वे पहले और दूसरे पहरे से निकलकर उस लोहे के फाटक पर पहुँचे, जो नगर की ओर है। वह उनके लिये आप से आप खुल गया, और वे निकलकर एक ही गली होकर गए, इतने में स्वर्गदूत उसे छोड़कर चला गया।
- फिलिप्पी में: भीतर की कोठरी, पाँव काठ में ठोंके हुएप्रेरि 16:23–24
पद
प्रेरि 16:23–24और बहुत बेंत लगवाकर उन्होंने उन्हें बन्दीगृह में डाल दिया और दरोगा को आज्ञा दी कि उन्हें सावधानी से रखे। उसने ऐसी आज्ञा पाकर उन्हें भीतर की कोठरी में रखा और उनके पाँव काठ में ठोंक दिए।
- आधी रात को भूकम्प से द्वार खुल गए और सब के बन्धन खुल गएप्रेरि 16:25–26
पद
प्रेरि 16:25–26आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और कैदी उनकी सुन रहे थे। कि इतने में अचानक एक बड़ा भूकम्प हुआ, यहाँ तक कि बन्दीगृह की नींव हिल गई, और तुरन्त सब द्वार खुल गए; और सब के बन्धन खुल गए।
- यरूशलेम में पौलुस को दो जंजीरों से बाँधा गयाप्रेरि 21:33
पद
प्रेरि 21:33तब सैन्य-दल के सरदार ने पास आकर उसे पकड़ लिया; और दो जंजीरों से बाँधने की आज्ञा देकर पूछने लगा, “यह कौन है, और इसने क्या किया है?”
- फेलिक्स ने पौलुस को दो वर्ष तक बन्दी छोड़ रखाप्रेरि 24:27
पद
प्रेरि 24:27परन्तु जब दो वर्ष बीत गए, तो पुरकियुस फेस्तुस, फेलिक्स की जगह पर आया, और फेलिक्स यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को बन्दी ही छोड़ गया।
- रोम में पौलुस एक सिपाही की रखवाली में, जंजीर से बँधा रहता थाप्रेरि 28:16, प्रेरि 28:20
पद
प्रेरि 28:16जब हम रोम में पहुँचे, तो पौलुस को एक सिपाही के साथ जो उसकी रखवाली करता था, अकेले रहने की आज्ञा हुई।
प्रेरि 28:20इसलिए मैंने तुम को बुलाया है, कि तुम से मिलूँ और बातचीत करूँ; क्योंकि इस्राएल की आशा के लिये मैं इस जंजीर से जकड़ा हुआ हूँ।”
- वह पूरे दो वर्ष अपने किराये के घर में रहाप्रेरि 28:30
पद
प्रेरि 28:30और पौलुस पूरे दो वर्ष अपने किराये के घर में रहा,
- उनेसिफुरूस पौलुस की जंजीरों से लज्जित न हुआ2 तीमु 1:16
पद
2 तीमु 1:16उनेसिफुरूस के घराने पर प्रभु दया करे, क्योंकि उसने बहुत बार मेरे जी को ठंडा किया, और मेरी जंजीरों से लज्जित न हुआ।
सोने की जंजीरें
- फ़िरौन ने यूसुफ के गले में सोने की माला डालीउत्प 41:42
पद
उत्प 41:42तब फ़िरौन ने अपने हाथ से मुहर वाली अंगूठी निकालकर यूसुफ के हाथ में पहना दी; और उसको बढ़िया मलमल के वस्त्र पहनवा दिए, और उसके गले में सोने की माला डाल दी;
- बेलशस्सर ने दानिय्येल के गले में सोने की कण्ठमाला पहनवाईदानि 5:29
पद
दानि 5:29तब बेलशस्सर ने आज्ञा दी, और दानिय्येल को बैंगनी रंग का वस्त्र और उसके गले में सोने की कण्ठमाला पहनाई गई; और ढिंढोरिये ने उसके विषय में पुकारा, कि राज्य में तीसरा दानिय्येल ही प्रभुता करेगा।
- गिदोन ने मिद्यानियों के ऊँटों के गलों की जंजीरें ले लींन्याय 8:26
पद
न्याय 8:26जो सोने की बालियाँ उसने माँग लीं उनका तौल एक हजार सात सौ शेकेल हुआ; और उनको छोड़ चन्द्रहार, झुमके, और बैंगनी रंग के वस्त्र जो मिद्यानियों के राजा पहने थे, और उनके ऊँटों के गलों की जंजीर।
- सुलैमान ने पवित्रस्थान के सामने सोने की साँकलें लगाईं1 राजा 6:21
पद
1 राजा 6:21फिर सुलैमान ने भवन को भीतर-भीतर शुद्ध सोने से मढ़वाया, और पवित्रस्थान के सामने सोने की साँकलें लगाई; और उसको भी सोने से मढ़वाया।
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.