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आश्चर्यजनक बातें
बाइबल में सात की संख्या
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 49 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
सात दिन
- परमेश्वर ने सातवें दिन विश्राम किया; छः दिन काम, फिर विश्रामदिनउत्प 2:3, निर्ग 20:11, व्यव 5:13–14
पद
उत्प 2:3और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी और पवित्र ठहराया; क्योंकि उसमें उसने सृष्टि की रचना के अपने सारे काम से विश्राम लिया।
निर्ग 20:11क्योंकि छः दिन में यहोवा ने आकाश और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उनमें है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्रामदिन को आशीष दी और उसको पवित्र ठहराया।
व्यव 5:13–14छः दिन तो परिश्रम करके अपना सारा काम-काज करना; परन्तु सातवाँ दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है; उसमें न तू किसी भाँति का काम-काज करना, न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरा बैल, न तेरा गदहा, न तेरा कोई पशु, न कोई परदेशी भी जो तेरे फाटकों के भीतर हो; जिससे तेरा दास और तेरी दासी भी तेरे समान विश्राम करे।
- नूह के जहाज में जाने के सात दिन बाद जल-प्रलय आयाउत्प 7:4, उत्प 7:10
- कबूतरी को फिर उड़ाने से पहले नूह सात दिन ठहराउत्प 8:10, उत्प 8:12
- यूसुफ ने अपने पिता के लिये सात दिन का विलाप कियाउत्प 50:10
पद
उत्प 50:10जब वे आताद के खलिहान तक, जो यरदन नदी के पार है, पहुँचे, तब वहाँ अत्यन्त भारी विलाप किया, और यूसुफ ने अपने पिता के लिये सात दिन का विलाप कराया।
- अय्यूब के मित्र सात दिन चुपचाप उसके साथ बैठे रहेअय्यू 2:13
पद
अय्यू 2:13तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दुःख बहुत ही बड़ा जानकर किसी ने उससे एक भी बात न कही।
- फसह पर सात दिन अख़मीरी रोटीनिर्ग 12:15
पद
निर्ग 12:15“सात दिन तक अख़मीरी रोटी खाया करना, उनमें से पहले ही दिन अपने-अपने घर में से ख़मीर उठा डालना, वरन् जो पहले दिन से लेकर सातवें दिन तक कोई ख़मीरी वस्तु खाए, वह प्राणी इस्राएलियों में से नाश किया जाए।
- झोपड़ियों के पर्व में सात दिन झोपड़ियों मेंलैव्य 23:34, लैव्य 23:42
पद
लैव्य 23:34“इस्राएलियों से कह कि उसी सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन से सात दिन तक यहोवा के लिये झोपड़ियों का पर्व रहा करे।
लैव्य 23:42सात दिन तक तुम झोपड़ियों में रहा करना, अर्थात् जितने जन्म के इस्राएली हैं वे सब के सब झोपड़ियों में रहें,
- याजकों का संस्कार सात दिन तक होता थानिर्ग 29:35
पद
निर्ग 29:35“मैंने तुझे जो-जो आज्ञा दी हैं, उन सभी के अनुसार तू हारून और उसके पुत्रों से करना; और सात दिन तक उनका संस्कार करते रहना,
- शाऊल ने गिलगाल में सात दिन तक शमूएल की बाट जोही1 शमू 13:8
पद
1 शमू 13:8वह शमूएल के ठहराए हुए समय, अर्थात् सात दिन तक बाट जोहता रहा; परन्तु शमूएल गिलगाल में न आया, और लोग उसके पास से इधर-उधर होने लगे।
- याबेश ने हार मानने से पहले सात दिन का अवसर माँगा1 शमू 11:3
पद
1 शमू 11:3याबेश के वृद्ध लोगों ने उससे कहा, “हमें सात दिन का अवसर दे तब तक हम इस्राएल के सारे देश में दूत भेजेंगे। और यदि हमको कोई बचानेवाला न मिलेगा, तो हम तेरे ही पास निकल आएँगे।”
- याबेश के लोगों ने शाऊल को गाड़ने के बाद सात दिन उपवास किया1 शमू 31:13
पद
1 शमू 31:13तब उन्होंने उनकी हड्डियाँ लेकर याबेश के झाऊ के पेड़ के नीचे गाड़ दीं, और सात दिन तक उपवास किया।
- शिमशोन का विवाह-भोज और पहेली सात दिन चलेन्याय 14:12, न्याय 14:17
पद
न्याय 14:12शिमशोन ने उनसे कहा, “मैं तुम से एक पहेली कहता हूँ; यदि तुम इस भोज के सातों दिनों के भीतर उसे समझकर अर्थ बता दो, तो मैं तुम को तीस कुर्ते और तीस जोड़े कपड़े दूँगा;
न्याय 14:17भोज के सातों दिनों में वह स्त्री उसके सामने रोती रही; और सातवें दिन जब उसने उसको बहुत तंग किया; तब उसने उसको पहेली का अर्थ बता दिया। तब उसने उसे अपनी जाति के लोगों को बता दिया।
- क्षयर्ष ने राजभवन की बारी में सात दिन तक भोज दियाएस्ते 1:5
पद
एस्ते 1:5इतने दिनों के बीतने पर राजा ने क्या छोटे क्या बड़े उन सभी की भी जो शूशन नामक राजगढ़ में इकट्ठा हुए थे, राजभवन की बारी के आँगन में सात दिन तक भोज दिया।
- पौलुस सोर में सात दिन रहाप्रेरि 21:4
पद
प्रेरि 21:4और चेलों को पाकर हम वहाँ सात दिन तक रहे। उन्होंने आत्मा के सिखाए पौलुस से कहा कि यरूशलेम में पाँव न रखना।
सात वर्ष
- याकूब ने राहेल के लिये सात वर्ष सेवा की, फिर सात वर्ष औरउत्प 29:20, उत्प 29:27
पद
उत्प 29:20अतः याकूब ने राहेल के लिये सात वर्ष सेवा की; और वे उसको राहेल की प्रीति के कारण थोड़े ही दिनों के बराबर जान पड़े।
उत्प 29:27“इसका सप्ताह तो पूरा कर; फिर दूसरी भी तुझे उस सेवा के लिये मिलेगी जो तू मेरे साथ रहकर और सात वर्ष तक करेगा।”
- मिस्र में सात वर्ष सुकाल, फिर सात वर्ष अकालउत्प 41:53–54
पद
उत्प 41:53–54और मिस्र देश के सुकाल के सात वर्ष समाप्त हो गए। और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मिस्र देश में अन्न था।
- एलीशा के समय सात वर्ष का अकाल2 राजा 8:1–2
पद
2 राजा 8:1–2जिस स्त्री के बेटे को एलीशा ने जिलाया था, उससे उसने कहा था कि अपने घराने समेत यहाँ से जाकर जहाँ कहीं तू रह सके वहाँ रह; क्योंकि यहोवा की इच्छा है कि अकाल पड़े, और वह इस देश में सात वर्ष तक बना रहेगा। परमेश्वर के भक्त के इस वचन के अनुसार वह स्त्री अपने घराने समेत पलिश्तियों के देश में जाकर सात वर्ष रही।
- सुलैमान ने सात वर्ष में मन्दिर बनाया1 राजा 6:38
पद
1 राजा 6:38और ग्यारहवें वर्ष के बूल नामक आठवें महीने में, वह भवन उस सब समेत जो उसमें उचित समझा गया बन चुका। इस रीति सुलैमान को उसके बनाने में सात वर्ष लगे।
- जुबली तक सातगुना सात वर्षलैव्य 25:8
पद
लैव्य 25:8“सात विश्रामवर्ष, अर्थात् सातगुना सात वर्ष गिन लेना, सातों विश्रामवर्षों का यह समय उनचास वर्ष होगा।
सात बार और सात-सात
- लेमेक: कैन का बदला सात गुणा, लेमेक का सतहत्तर गुणाउत्प 4:24
पद
उत्प 4:24जब कैन का बदला सात गुणा लिया जाएगा। तो लेमेक का सतहत्तर गुणा लिया जाएगा।”
- हर शुद्ध पशु के सात-सात जोड़े जहाज मेंउत्प 7:2
पद
उत्प 7:2सब जाति के शुद्ध पशुओं में से तो तू सात-सात जोड़े, अर्थात् नर और मादा लेना: पर जो पशु शुद्ध नहीं हैं, उनमें से दो-दो लेना, अर्थात् नर और मादा:
- अब्राहम ने अबीमेलेक को सात मादा मेम्ने दिएउत्प 21:28–30
पद
उत्प 21:28–30अब्राहम ने सात मादा मेम्नों को अलग कर रखा। तब अबीमेलेक ने अब्राहम से पूछा, “इन सात बच्चियों का, जो तूने अलग कर रखी हैं, क्या प्रयोजन है?” उसने कहा, “तू इन सात बच्चियों को इस बात की साक्षी जानकर मेरे हाथ से ले कि मैंने यह कुआँ खोदा है।”
- याकूब ने एसाव के सामने सात बार भूमि पर गिरकर दण्डवत् कीउत्प 33:3
पद
उत्प 33:3और आप उन सब के आगे बढ़ा और सात बार भूमि पर गिरकर दण्डवत् की, और अपने भाई के पास पहुँचा।
- फ़िरौन का स्वप्न: सात गायें और सात बालेंउत्प 41:2–7
पद
उत्प 41:2–7और उस नदी में से सात सुन्दर और मोटी-मोटी गायें निकलकर कछार की घास चरने लगीं। और, क्या देखा कि उनके पीछे और सात गायें, जो कुरूप और दुर्बल हैं, नदी से निकलीं; और दूसरी गायों के निकट नदी के तट पर जा खड़ी हुईं। तब ये कुरूप और दुर्बल गायें उन सात सुन्दर और मोटी-मोटी गायों को खा गईं। तब फ़िरौन जाग उठा। और वह फिर सो गया और दूसरा स्वप्न देखा कि एक डंठल में से सात मोटी और अच्छी-अच्छी बालें निकलीं। और, क्या देखा कि उनके पीछे सात बालें पतली और पुरवाई से मुर्झाई हुई निकलीं। और इन पतली बालों ने उन सातों मोटी और अन्न से भरी हुई बालों को निगल लिया। तब फ़िरौन जागा, और उसे मालूम हुआ कि यह स्वप्न ही था।
- याजक लहू और तेल सात बार छिड़कता थालैव्य 4:6, लैव्य 14:16
पद
लैव्य 4:6और याजक अपनी उँगली लहू में डुबो-डुबोकर और उसमें से कुछ लेकर पवित्रस्थान के बीचवाले पर्दे के आगे यहोवा के सामने सात बार छिड़के।
लैव्य 14:16और याजक अपने दाहिने हाथ की उँगली को अपनी बाईं हथेली पर के तेल में डुबाकर उस तेल में से कुछ अपनी उँगली से यहोवा के सम्मुख सात बार छिड़के।
- बिलाम ने सात वेदियाँ, सात बछड़े और सात मेढ़े माँगेगिन 23:1
पद
गिन 23:1तब बिलाम ने बालाक से कहा, “यहाँ पर मेरे लिये सात वेदियाँ बनवा, और इसी स्थान पर सात बछड़े और सात मेढ़े तैयार कर।”
- सात याजक, सात नरसिंगे, यरीहो के चारों ओर सात बारयहो 6:4, यहो 6:15–16
पद
यहो 6:4और सात याजक सन्दूक के आगे-आगे मेढ़ों के सींगों के सात नरसिंगे लिए हुए चलें; फिर सातवें दिन तुम नगर के चारों ओर सात बार घूमना, और याजक भी नरसिंगे फूँकते चलें।
यहो 6:15–16फिर सातवें दिन वे बड़े तड़के उठकर उसी रीति से नगर के चारों ओर सात बार घूम आए; केवल उसी दिन वे सात बार घूमे। तब सातवीं बार जब याजक नरसिंगे फूँकते थे, तब यहोशू ने लोगों से कहा, “जयजयकार करो; क्योंकि यहोवा ने यह नगर तुम्हें दे दिया है।
- शिमशोन की सात लटेंन्याय 16:13, न्याय 16:19
पद
न्याय 16:13तब दलीला ने शिमशोन से कहा, “अब तक तू मुझसे छल करता, और झूठ बोलता आया है; अब मुझे बता दे कि तू किस से बन्ध सकता है?” उसने कहा, “यदि तू मेरे सिर की सातों लटें ताने में बुने तो बन्ध सकूँगा।”
न्याय 16:19तब उसने उसको अपने घुटनों पर सुला रखा; और एक मनुष्य बुलवाकर उसके सिर की सातों लटें मुँण्ड़वा डाली। और वह उसको दबाने लगी, और वह निर्बल हो गया।
- एलिय्याह के सेवक ने सात बार समुद्र की ओर देखा1 राजा 18:43–44
पद
1 राजा 18:43–44और उसने अपने सेवक से कहा, “चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि करके देख,” तब उसने चढ़कर देखा और लौटकर कहा, “कुछ नहीं दिखता।” एलिय्याह ने कहा, “फिर सात बार जा।” सातवीं बार उसने कहा, “देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है।” एलिय्याह ने कहा, “अहाब के पास जाकर कह, ‘रथ जुतवाकर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए।’”
- शूनेमिन का बेटा सात बार छींका2 राजा 4:35
पद
2 राजा 4:35वह उसे छोड़कर घर में इधर-उधर टहलने लगा, और फिर चढ़कर लड़के पर पसर गया; तब लड़के ने सात बार छींका, और अपनी आँखें खोलीं।
- नामान ने यरदन में सात बार डुबकी मारी2 राजा 5:10, 2 राजा 5:14
पद
2 राजा 5:10तब एलीशा ने एक दूत से उसके पास यह कहला भेजा, “तू जाकर यरदन में सात बार डुबकी मार, तब तेरा शरीर ज्यों का त्यों हो जाएगा, और तू शुद्ध होगा।”
2 राजा 5:14तब उसने परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार यरदन को जाकर उसमें सात बार डुबकी मारी, और उसका शरीर छोटे लड़के का सा हो गया; और वह शुद्ध हो गया।
- नबूकदनेस्सर ने भट्ठे को सात गुणा अधिक धधकायादानि 3:19
पद
दानि 3:19तब नबूकदनेस्सर झुँझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उसने आज्ञा दी कि भट्ठे को सात गुणा अधिक धधका दो।
- क्षयर्ष के दरबार में सात खोजे और सात प्रधानएस्ते 1:10, एस्ते 1:14
पद
एस्ते 1:10सातवें दिन, जब राजा का मन दाखमधु में मगन था, तब उसने महूमान, बिजता, हर्बोना, बिगता, अबगता, जेतेर और कर्कस नामक सातों खोजों को जो क्षयर्ष राजा के सम्मुख सेवा टहल किया करते थे, आज्ञा दी,
एस्ते 1:14उसके पास कर्शना, शेतार, अदमाता, तर्शीश, मेरेस, मर्सना, और ममूकान नामक फारस, और मादै के सात प्रधान थे, जो राजा का दर्शन करते, और राज्य में मुख्य-मुख्य पदों पर नियुक्त किए गए थे।)
- केवल सात बार नहीं, उससे कहीं अधिक क्षमा करोमत्ती 18:21–22
पद
मत्ती 18:21–22तब पतरस ने पास आकर, उससे कहा, “हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ, क्या सात बार तक?” यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, वरन् सात बार के सत्तर गुने तक।
- सात रोटियाँ, और सात टोकरे बचेमत्ती 15:34–37
पद
मत्ती 15:34–37यीशु ने उनसे पूछा, “तुम्हारे पास कितनी रोटियाँ हैं?” उन्होंने कहा, “सात और थोड़ी सी छोटी मछलियाँ।” तब उसने लोगों को भूमि पर बैठने की आज्ञा दी। और उन सात रोटियों और मछलियों को ले धन्यवाद करके तोड़ा और अपने चेलों को देता गया, और चेले लोगों को। इस प्रकार सब खाकर तृप्त हो गए और बचे हुए टुकड़ों से भरे हुए सात टोकरे उठाए।
- यरूशलेम के विश्वासियों की सेवा के लिये सात पुरुष चुने गएप्रेरि 6:3
पद
प्रेरि 6:3इसलिए हे भाइयों, अपने में से सात सुनाम पुरुषों को जो पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हो, चुन लो, कि हम उन्हें इस काम पर ठहरा दें।
- स्क्किवा के सात पुत्रप्रेरि 19:14
पद
प्रेरि 19:14और स्क्किवा नाम के एक यहूदी प्रधान याजक के सात पुत्र थे, जो ऐसा ही करते थे।
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.