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रोज़मर्रा का जीवन

बाइबल में शिकार और फंदे

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 14 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।

  • निम्रोद, “यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलनेवाला”उत्प 10:9
    पद
    उत्प 10:9वही यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलनेवाला ठहरा, इससे यह कहावत चली है; “निम्रोद के समान यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलनेवाला।”
  • इश्माएल जंगल में बड़ा होकर धनुर्धारी बनता हैउत्प 21:20
    पद
    उत्प 21:20और परमेश्वर उस लड़के के साथ रहा; और जब वह बड़ा हुआ, तब जंगल में रहते-रहते धनुर्धारी बन गया।
  • एसाव चतुर शिकार खेलनेवाला, वनवासी बनता हैउत्प 25:27
    पद
    उत्प 25:27फिर वे लड़के बढ़ने लगे और एसाव तो वनवासी होकर चतुर शिकार खेलनेवाला हो गया, पर याकूब सीधा मनुष्य था, और तम्बुओं में रहा करता था।
  • इसहाक को अहेर का माँस भाता है और वह एसाव से प्रीति रखता हैउत्प 25:28
    पद
    उत्प 25:28इसहाक एसाव के अहेर का माँस खाया करता था, इसलिए वह उससे प्रीति रखता था; पर रिबका याकूब से प्रीति रखती थी।
  • इसहाक एसाव को तरकश और धनुष लेकर अहेर करने भेजता हैउत्प 27:3–5
    पद
    उत्प 27:3–5इसलिए अब तू अपना तरकश और धनुष आदि हथियार लेकर मैदान में जा, और मेरे लिये अहेर कर ले आ। तब मेरी रूचि के अनुसार स्वादिष्ट भोजन बनाकर मेरे पास ले आना, कि मैं उसे खाकर मरने से पहले तुझे जी भरकर आशीर्वाद दूँ।” तब एसाव अहेर करने को मैदान में गया। जब इसहाक एसाव से यह बात कह रहा था, तब रिबका सुन रही थी।
  • एसाव अहेर से लौटता है, पर आशीर्वाद के लिये देर हो चुकी हैउत्प 27:30–33
    पद
    उत्प 27:30–33जैसे ही यह आशीर्वाद इसहाक याकूब को दे चुका, और याकूब अपने पिता इसहाक के सामने से निकला ही था, कि एसाव अहेर लेकर आ पहुँचा। तब वह भी स्वादिष्ट भोजन बनाकर अपने पिता के पास ले आया, और उसने कहा, “हे मेरे पिता, उठकर अपने पुत्र के अहेर का माँस खा, ताकि मुझे जी से आशीर्वाद दे।” उसके पिता इसहाक ने पूछा, “तू कौन है?” उसने कहा, “मैं तेरा जेठा पुत्र एसाव हूँ।” तब इसहाक ने अत्यन्त थरथर काँपते हुए कहा, “फिर वह कौन था जो अहेर करके मेरे पास ले आया था, और मैंने तेरे आने से पहले सब में से कुछ कुछ खा लिया और उसको आशीर्वाद दिया? वरन् उसको आशीष लगी भी रहेगी।”

व्यवस्था में

  • शिकार किए गए पशु का लहू उण्डेलकर धूलि से ढाँपा जाता हैलैव्य 17:13
    पद
    लैव्य 17:13“इस्राएलियों में से या उनके बीच रहनेवाले परदेशियों में से, कोई मनुष्य क्यों न हो, जो शिकार करके खाने के योग्य पशु या पक्षी को पकड़े, वह उसके लहू को उण्डेलकर धूलि से ढाँप दे।

फंदे और जाल

  • जाल, फंदे और भूमि में छिपी फंदे की रस्सियाँअय्यू 18:8–10
    पद
    अय्यू 18:8–10वह अपना ही पाँव जाल में फँसाएगा, वह फंदों पर चलता है। उसकी एड़ी फंदे में फँस जाएगी, और वह जाल में पकड़ा जाएगा। फंदे की रस्सियाँ उसके लिये भूमि में, और जाल रास्ते में छिपा दिया गया है।
  • महाजाल में फँसा हुआ हिरनयशा 51:20
    पद
    यशा 51:20तेरे लड़के मूर्छित होकर हर एक सड़क के सिरे पर, महाजाल में फँसे हुए हिरन के समान पड़े हैं; यहोवा की जलजलाहट और तेरे परमेश्वर की धमकी के कारण वे अचेत पड़े हैं।
  • चिड़ीमार ताक में रहते और फंदे लगाते हैंयिर्म 5:26
    पद
    यिर्म 5:26मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फंदा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं।
  • पथ के किनारे बिछाया गया जाल और लगाए गए फंदेभज 140:5
    पद
    भज 140:5घमण्डियों ने मेरे लिये फंदा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्होंने मेरे लिये फंदे लगा रखे हैं। (सेला)

तुलनाएँ

  • दाऊद: जैसे कोई पहाड़ों पर तीतर का अहेर करे1 शमू 26:20
    पद
    1 शमू 26:20इसलिए अब मेरा लहू यहोवा की आँखों की ओट में भूमि पर न बहने पाए; इस्राएल का राजा तो एक पिस्सू ढूँढ़ने आया है, जैसा कि कोई पहाड़ों पर तीतर का अहेर करे।”
  • “उन्होंने निर्दयता से चिड़िया के समान मेरा आहेर किया है”विला 3:52
    पद
    विला 3:52जो व्यर्थ मेरे शत्रु बने हैं, उन्होंने निर्दयता से चिड़िया के समान मेरा आहेर किया है;
  • “बहेलिये के जाल से” छुटकाराभज 91:3
    पद
    भज 91:3वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;

स्रोत

Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.