रोज़मर्रा का जीवन
बाइबल में बच्चे
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 57 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
जन्म के समय
- नवजात को धोया जाता, उस पर नमक मला जाता और उसे कपड़ों में लपेटा जाता थायहे 16:4
पद
यहे 16:4तेरा जन्म ऐसे हुआ कि जिस दिन तू जन्मी, उस दिन न तेरा नाल काटा गया, न तू शुद्ध होने के लिये धोई गई, न तुझ पर नमक मला गया और न तू कुछ कपड़ों में लपेटी गई।
- यीशु को कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा जाता हैलूका 2:7, लूका 2:12
- दाई जुड़वे बालक की कलाई पर लाल सूत बाँधती हैउत्प 38:27–30
पद
उत्प 38:27–30जब उसके जनने का समय आया, तब यह जान पड़ा कि उसके गर्भ में जुड़वे बच्चे हैं। और जब वह जनने लगी तब एक बालक का हाथ बाहर आया, और दाई ने लाल सूत लेकर उसके हाथ में यह कहते हुए बाँध दिया, “पहले यही उत्पन्न हुआ।” जब उसने हाथ समेट लिया, तब उसका भाई उत्पन्न हो गया। तब उस दाई ने कहा, “तू क्यों बरबस निकल आया है?” इसलिए उसका नाम पेरेस रखा गया। पीछे उसका भाई जिसके हाथ में लाल सूत बन्धा था उत्पन्न हुआ, और उसका नाम जेरह रखा गया।
- एसाव लाल और रोममय जन्मता है, याकूब उसकी एड़ी पकड़े हुएउत्प 25:24–26
पद
उत्प 25:24–26जब उसके पुत्र उत्पन्न होने का समय आया, तब क्या प्रगट हुआ, कि उसके गर्भ में जुड़वे बालक हैं। पहला जो उत्पन्न हुआ वह लाल निकला, और उसका सारा शरीर कम्बल के समान रोममय था; इसलिए उसका नाम एसाव रखा गया। पीछे उसका भाई अपने हाथ से एसाव की एड़ी पकड़े हुए उत्पन्न हुआ; और उसका नाम याकूब रखा गया। जब रिबका ने उनको जन्म दिया तब इसहाक साठ वर्ष का था।
- लड़कों का खतना आठवें दिन होता थाउत्प 17:12, लैव्य 12:3, लूका 2:21
पद
उत्प 17:12पीढ़ी-पीढ़ी में केवल तेरे वंश ही के लोग नहीं पर जो तेरे घर में उत्पन्न हुआ हो, अथवा परदेशियों को रूपा देकर मोल लिया जाए, ऐसे सब पुरुष भी जब आठ दिन के हो जाएँ, तब उनका खतना किया जाए।
लैव्य 12:3और आठवें दिन लड़के का खतना किया जाए।
लूका 2:21जब आठ दिन पूरे हुए, और उसके खतने का समय आया, तो उसका नाम यीशु रखा गया, यह नाम स्वर्गदूत द्वारा, उसके गर्भ में आने से पहले दिया गया था।
- सन्तान के लिये प्रार्थना करनेवाले: इसहाक, हन्ना, जकर्याहउत्प 25:21, 1 शमू 1:11, 1 शमू 1:20, लूका 1:13
पद
उत्प 25:21इसहाक की पत्नी तो बाँझ थी, इसलिए उसने उसके निमित्त यहोवा से विनती की; और यहोवा ने उसकी विनती सुनी, इस प्रकार उसकी पत्नी रिबका गर्भवती हुई।
1 शमू 1:11और उसने यह मन्नत मानी, “हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दुःख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्र दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूँगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।”
1 शमू 1:20तब हन्ना गर्भवती हुई और समय पर उसके एक पुत्र हुआ, और उसका नाम शमूएल रखा, क्योंकि वह कहने लगी, “मैंने यहोवा से माँगकर इसे पाया है।”
लूका 1:13परन्तु स्वर्गदूत ने उससे कहा, “हे जकर्याह, भयभीत न हो क्योंकि तेरी प्रार्थना सुन ली गई है और तेरी पत्नी एलीशिबा से तेरे लिये एक पुत्र उत्पन्न होगा, और तू उसका नाम यूहन्ना रखना।
नाम रखना
- लिआ और राहेल हर पुत्र का नाम कारण बताकर रखती हैंउत्प 29:32–35, उत्प 30:6–13, उत्प 30:22–24
पद
उत्प 29:32–35अतः लिआ गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, “यहोवा ने मेरे दुःख पर दृष्टि की है, अब मेरा पति मुझसे प्रीति रखेगा।” फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; तब उसने यह कहा, “यह सुनकर कि मैं अप्रिय हूँ यहोवा ने मुझे यह भी पुत्र दिया।” इसलिए उसने उसका नाम शिमोन रखा। फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, “अब की बार तो मेरा पति मुझसे मिल जाएगा, क्योंकि उससे मेरे तीन पुत्र उत्पन्न हुए।” इसलिए उसका नाम लेवी रखा गया। और फिर वह गर्भवती हुई और उसके एक और पुत्र उत्पन्न हुआ; और उसने कहा, “अब की बार तो मैं यहोवा का धन्यवाद करूँगी।” इसलिए उसने उसका नाम यहूदा रखा; तब उसकी कोख बन्द हो गई।
उत्प 30:6–13तब राहेल ने कहा, “परमेश्वर ने मेरा न्याय चुकाया और मेरी सुनकर मुझे एक पुत्र दिया।” इसलिए उसने उसका नाम दान रखा। राहेल की दासी बिल्हा फिर गर्भवती हुई और याकूब से एक पुत्र और उत्पन्न हुआ। तब राहेल ने कहा, “मैंने अपनी बहन के साथ बड़े बल से लिपटकर मल्लयुद्ध किया और अब जीत गई।” अतः उसने उसका नाम नप्ताली रखा। जब लिआ ने देखा कि मैं जनने से रहित हो गई हूँ, तब उसने अपनी दासी जिल्पा को लेकर याकूब की पत्नी होने के लिये दे दिया। और लिआ की दासी जिल्पा के भी याकूब से एक पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ ने कहा, “अहो भाग्य!” इसलिए उसने उसका नाम गाद रखा। फिर लिआ की दासी जिल्पा के याकूब से एक और पुत्र उत्पन्न हुआ। तब लिआ ने कहा, “मैं धन्य हूँ; निश्चय स्त्रियाँ मुझे धन्य कहेंगी।” इसलिए उसने उसका नाम आशेर रखा।
उत्प 30:22–24परमेश्वर ने राहेल की भी सुधि ली, और उसकी सुनकर उसकी कोख खोली। इसलिए वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; तब उसने कहा, “परमेश्वर ने मेरी नामधराई को दूर कर दिया है।” इसलिए उसने यह कहकर उसका नाम यूसुफ रखा, “परमेश्वर मुझे एक पुत्र और भी देगा।”
- मरती हुई राहेल पुत्र का नाम बेनोनी रखती है; याकूब उसे बिन्यामीन कहता हैउत्प 35:18
पद
उत्प 35:18तब ऐसा हुआ कि वह मर गई, और प्राण निकलते-निकलते उसने उस बेटे का नाम बेनोनी रखा; पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा।
- हन्ना शमूएल का नाम रखती है: “मैंने यहोवा से माँगकर इसे पाया है”1 शमू 1:20
पद
1 शमू 1:20तब हन्ना गर्भवती हुई और समय पर उसके एक पुत्र हुआ, और उसका नाम शमूएल रखा, क्योंकि वह कहने लगी, “मैंने यहोवा से माँगकर इसे पाया है।”
- ईकाबोद: “इस्राएल में से महिमा उठ गई!”1 शमू 4:21
पद
1 शमू 4:21और परमेश्वर के सन्दूक के छीन लिए जाने और अपने ससुर और पति के कारण उसने यह कहकर उस बालक का नाम ईकाबोद रखा, “इस्राएल में से महिमा उठ गई!”
- फ़िरौन की बेटी मूसा का नाम रखती है: “मैंने इसको जल से निकाला था”निर्ग 2:10
पद
निर्ग 2:10जब बालक कुछ बड़ा हुआ तब वह उसे फ़िरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा ठहरा; और उसने यह कहकर उसका नाम मूसा रखा, “मैंने इसको जल से निकाला था।”
- कुटुम्बी बालक का नाम पिता के नाम पर रखना चाहते हैं; एलीशिबा कहती है: यूहन्नालूका 1:59–63
पद
लूका 1:59–63और ऐसा हुआ कि आठवें दिन वे बालक का खतना करने आए और उसका नाम उसके पिता के नाम पर जकर्याह रखने लगे। और उसकी माता ने उत्तर दिया, “नहीं; वरन् उसका नाम यूहन्ना रखा जाए।” और उन्होंने उससे कहा, “तेरे कुटुम्ब में किसी का यह नाम नहीं।” तब उन्होंने उसके पिता से संकेत करके पूछा कि तू उसका नाम क्या रखना चाहता है? और उसने लिखने की पट्टी मँगवाकर लिख दिया, “उसका नाम यूहन्ना है,” और सभी ने अचम्भा किया।
- पड़ोसिनें नाओमी के पोते का नाम ओबेद रखती हैंरूत 4:17
पद
रूत 4:17और उसकी पड़ोसिनों ने यह कहकर, कि “नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है”, लड़के का नाम ओबेद रखा। यिशै का पिता और दाऊद का दादा वही हुआ।
दूध पिलाना और दूध छुड़ाना
- इसहाक का दूध छुड़ाने के दिन अब्राहम बड़ा भोज करता हैउत्प 21:8
पद
उत्प 21:8और वह लड़का बढ़ा और उसका दूध छुड़ाया गया; और इसहाक के दूध छुड़ाने के दिन अब्राहम ने बड़ा भोज किया।
- हन्ना शमूएल का दूध छूटने तक उसे घर रखती है, फिर उसे शीलो ले आती है1 शमू 1:22–28
पद
1 शमू 1:22–28परन्तु हन्ना अपने पति से यह कहकर घर में रह गई, “जब बालक का दूध छूट जाएगा तब मैं उसको ले जाऊँगी, कि वह यहोवा को मुँह दिखाए, और वहाँ सदा बना रहे।” उसके पति एल्काना ने उससे कहा, “जो तुझे भला लगे वही कर जब तक तू उसका दूध न छुड़ाए तब तक यहीं ठहरी रह; केवल इतना हो कि यहोवा अपना वचन पूरा करे।” इसलिए वह स्त्री वहीं घर पर रह गई और अपने पुत्र के दूध छूटने के समय तक उसको पिलाती रही। जब उसने उसका दूध छुड़ाया तब वह उसको संग ले गई, और तीन बछड़े, और एपा भर आटा, और कुप्पी भर दाखमधु भी ले गई, और उस लड़के को शीलो में यहोवा के भवन में पहुँचा दिया; उस समय वह लड़का ही था। और उन्होंने बछड़ा बलि करके बालक को एली के पास पहुँचा दिया। तब हन्ना ने कहा, “हे मेरे प्रभु, तेरे जीवन की शपथ, हे मेरे प्रभु, मैं वही स्त्री हूँ जो तेरे पास यहीं खड़ी होकर यहोवा से प्रार्थना करती थी। यह वही बालक है जिसके लिये मैंने प्रार्थना की थी; और यहोवा ने मुझे मुँह माँगा वर दिया है। इसलिए मैं भी उसे यहोवा को अर्पण कर देती हूँ; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे।” तब उसने वहीं यहोवा को दण्डवत् किया।
- मूसा की अपनी माता को उसे दूध पिलाने की मजदूरी मिलती हैनिर्ग 2:7–9
पद
निर्ग 2:7–9तब बालक की बहन ने फ़िरौन की बेटी से कहा, “क्या मैं जाकर इब्री स्त्रियों में से किसी धाई को तेरे पास बुला ले आऊँ जो तेरे लिये बालक को दूध पिलाया करे?” फ़िरौन की बेटी ने कहा, “जा।” तब लड़की जाकर बालक की माता को बुला ले आई। फ़िरौन की बेटी ने उससे कहा, “तू इस बालक को ले जाकर मेरे लिये दूध पिलाया कर, और मैं तुझे मजदूरी दूँगी।” तब वह स्त्री बालक को ले जाकर दूध पिलाने लगी।
- नाओमी बालक ओबेद को अपनी गोद में रखती हैरूत 4:16
पद
रूत 4:16फिर नाओमी उस बच्चे को अपनी गोद में रखकर उसकी दाई का काम करने लगी।
- एक दाई पाँच वर्ष के मपीबोशेत को लेकर भागती है; वह गिरकर लँगड़ा हो जाता है2 शमू 4:4
पद
2 शमू 4:4शाऊल के पुत्र योनातान के एक लँगड़ा बेटा था। जब यिज्रेल से शाऊल और योनातान का समाचार आया तब वह पाँच वर्ष का था; उस समय उसकी दाई उसे उठाकर भागी; और उसके उतावली से भागने के कारण वह गिरकर लँगड़ा हो गया। उसका नाम मपीबोशेत था।
- बालक योआश को उसकी दाई समेत अतल्याह से छिपाया जाता है2 राजा 11:2
पद
2 राजा 11:2परन्तु यहोशेबा जो राजा योराम की बेटी, और अहज्याह की बहन थी, उसने अहज्याह के पुत्र योआश को घात होनेवाले राजकुमारों के बीच में से चुराकर दाई समेत बिछौने रखने की कोठरी में छिपा दिया। और उन्होंने उसे अतल्याह से ऐसा छिपा रखा, कि वह मारा न गया।
बड़े होना
- हन्ना हर वर्ष बालक शमूएल के लिये एक छोटा बागा बनाती थी1 शमू 2:18–19
पद
1 शमू 2:18–19परन्तु शमूएल जो बालक था सनी का एपोद पहने हुए यहोवा के सामने सेवा टहल किया करता था। और उसकी माता प्रतिवर्ष उसके लिये एक छोटा सा बागा बनाकर जब अपने पति के संग प्रतिवर्ष की मेलबलि चढ़ाने आती थी तब बागे को उसके पास लाया करती थी।
- माता-पिता घर में और मार्ग पर अपने बच्चों को सिखाते थेव्यव 6:7, व्यव 11:19
पद
व्यव 6:7और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
व्यव 11:19और तुम घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते-उठते इनकी चर्चा करके अपने बच्चों को सिखाया करना।
- जब तेरा पुत्र पूछे, “यह क्या है?” — उसे वृत्तान्त बतानानिर्ग 13:14
पद
निर्ग 13:14और आगे के दिनों में जब तुम्हारे पुत्र तुम से पूछें, ‘यह क्या है?’ तो उनसे कहना, ‘यहोवा हम लोगों को दासत्व के घर से, अर्थात् मिस्र देश से अपने हाथों के बल से निकाल लाया है।
- लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहियेनीति 22:6
पद
नीति 22:6लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा।
- अनुशासन की छड़ी पर नीतिवचन की कहावतेंनीति 13:24, नीति 29:15
पद
नीति 13:24जो बेटे पर छड़ी नहीं चलाता वह उसका बैरी है, परन्तु जो उससे प्रेम रखता, वह यत्न से उसको शिक्षा देता है।
नीति 29:15छड़ी और डाँट से बुद्धि प्राप्त होती है, परन्तु जो लड़का ऐसे ही छोड़ा जाता है वह अपनी माता की लज्जा का कारण होता है।
- व्यवस्था पढ़कर सुनाई जाती थी तो बच्चे भी सुनते थेयहो 8:35, नहे 8:2–3
पद
यहो 8:35जितनी बातों की मूसा ने आज्ञा दी थी, उनमें से कोई ऐसी बात नहीं रह गई जो यहोशू ने इस्राएल की सारी सभा, और स्त्रियों, और बाल-बच्चों, और उनके साथ रहनेवाले परदेशी लोगों के सामने भी पढ़कर न सुनाई।
नहे 8:2–3तब एज्रा याजक सातवें महीने के पहले दिन को क्या स्त्री, क्या पुरुष, जितने सुनकर समझ सकते थे, उन सभी के सामने व्यवस्था को ले आया। वह उसकी बातें भोर से दोपहर तक उस चौक के सामने जो जलफाटक के सामने था, क्या स्त्री, क्या पुरुष और सब समझने वालों को पढ़कर सुनाता रहा; और लोग व्यवस्था की पुस्तक पर कान लगाए रहे।
- बच्चे सड़कों में नाचते-कूदते और खेलते हैंअय्यू 21:11, जक 8:5
पद
अय्यू 21:11वे अपने लड़कों को झुण्ड के झुण्ड बाहर जाने देते हैं, और उनके बच्चे नाचते हैं।
जक 8:5और नगर के चौक खेलनेवाले लड़कों और लड़कियों से भरे रहेंगे।
- बारह वर्ष का यीशु मन्दिर में उपदेशकों से प्रश्न करता हैलूका 2:41–47
पद
लूका 2:41–47उसके माता-पिता प्रतिवर्ष फसह के पर्व में यरूशलेम को जाया करते थे। जब वह बारह वर्ष का हुआ, तो वे पर्व की रीति के अनुसार यरूशलेम को गए। और जब वे उन दिनों को पूरा करके लौटने लगे, तो वह बालक यीशु यरूशलेम में रह गया; और यह उसके माता-पिता नहीं जानते थे। वे यह समझकर, कि वह और यात्रियों के साथ होगा, एक दिन का पड़ाव निकल गए: और उसे अपने कुटुम्बियों और जान-पहचानवालों में ढूँढ़ने लगे। पर जब नहीं मिला, तो ढूँढ़ते-ढूँढ़ते यरूशलेम को फिर लौट गए। और तीन दिन के बाद उन्होंने उसे मन्दिर में उपदेशकों के बीच में बैठे, उनकी सुनते और उनसे प्रश्न करते हुए पाया। और जितने उसकी सुन रहे थे, वे सब उसकी समझ और उसके उत्तरों से चकित थे।
- यीशु बुद्धि और डील-डौल में बढ़ता गयालूका 2:40, लूका 2:52
- पौलुस ने गमलीएल के पाँवों के पास बैठकर शिक्षा पाईप्रेरि 22:3
पद
प्रेरि 22:3“मैं तो यहूदी हूँ, जो किलिकिया के तरसुस में जन्मा; परन्तु इस नगर में गमलीएल के पाँवों के पास बैठकर शिक्षा प्राप्त की, और पूर्वजों की व्यवस्था भी ठीक रीति पर सिखाया गया; और परमेश्वर के लिये ऐसी धुन लगाए था, जैसे तुम सब आज लगाए हो।
- तीमुथियुस ने अपनी नानी लोइस और माता यूनीके से सीखा2 तीमु 1:5, 2 तीमु 3:15
पद
2 तीमु 1:5और मुझे तेरे उस निष्कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में थी, और मुझे निश्चय हुआ है, कि तुझ में भी है।
2 तीमु 3:15और बालकपन से पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है।
- बच्चे मन्दिर में “होशाना” पुकारते हैंमत्ती 21:15
पद
मत्ती 21:15परन्तु जब प्रधान याजकों और शास्त्रियों ने इन अद्भुत कामों को, जो उसने किए, और लड़कों को मन्दिर में दाऊद की सन्तान को होशाना पुकारते हुए देखा, तो क्रोधित हुए,
- यीशु छोटे बच्चों को आशीष देता हैमत्ती 19:13–15, मर 10:13–16
पद
मत्ती 19:13–15तब लोग बालकों को उसके पास लाए, कि वह उन पर हाथ रखे और प्रार्थना करे; पर चेलों ने उन्हें डाँटा। यीशु ने कहा, “बालकों को मेरे पास आने दो, और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है।” और वह उन पर हाथ रखकर, वहाँ से चला गया।
मर 10:13–16फिर लोग बालकों को उसके पास लाने लगे, कि वह उन पर हाथ रखे; पर चेलों ने उनको डाँटा। यीशु ने यह देख क्रुद्ध होकर उनसे कहा, “बालकों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना न करो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों ही का है। मैं तुम से सच कहता हूँ, कि जो कोई परमेश्वर के राज्य को बालक की तरह ग्रहण न करे, वह उसमें कभी प्रवेश करने न पाएगा।” और उसने उन्हें गोद में लिया, और उन पर हाथ रखकर उन्हें आशीष दी।
उदाहरण
- याकूब यूसुफ से सबसे अधिक प्रेम रखता है और उसे रंग-बिरंगा अंगरखा देता हैउत्प 37:3–4
पद
उत्प 37:3–4और इस्राएल अपने सब पुत्रों से बढ़कर यूसुफ से प्रीति रखता था, क्योंकि वह उसके बुढ़ापे का पुत्र था: और उसने उसके लिये रंग-बिरंगा अंगरखा बनवाया। परन्तु जब उसके भाइयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है, तब वे उससे बैर करने लगे और उसके साथ ठीक से बात भी नहीं करते थे।
- व्यवस्था अप्रिय पत्नी के जेठे पुत्र के दूने भाग की रक्षा करती हैव्यव 21:15–17
पद
व्यव 21:15–17“यदि किसी पुरुष की दो पत्नियाँ हों, और उसे एक प्रिय और दूसरी अप्रिय हो, और प्रिया और अप्रिय दोनों स्त्रियाँ बेटे जनें, परन्तु जेठा अप्रिय का हो, तो जब वह अपने पुत्रों को अपनी सम्पत्ति का बँटवारा करे, तब यदि अप्रिय का बेटा जो सचमुच जेठा है यदि जीवित हो, तो वह प्रिया के बेटे को जेठांस न दे सकेगा; वह यह जानकर कि अप्रिय का बेटा मेरे पौरूष का पहला फल है, और जेठे का अधिकार उसी का है, उसी को अपनी सारी सम्पत्ति में से दो भाग देकर जेठांसी माने।
- एक छोटी इस्राएली लड़की नामान की पत्नी को भविष्यद्वक्ता के विषय में बताती है2 राजा 5:2–3
पद
2 राजा 5:2–3अरामी लोग दल बाँधकर इस्राएल के देश में जाकर वहाँ से एक छोटी लड़की बन्दी बनाकर ले आए थे और वह नामान की पत्नी की सेवा करती थी। उसने अपनी स्वामिनी से कहा, “यदि मेरा स्वामी सामरिया के भविष्यद्वक्ता के पास होता, तो क्या ही अच्छा होता! क्योंकि वह उसको कोढ़ से चंगा कर देता।”
- योआश सात वर्ष की आयु में राजा बनता है, योशिय्याह आठ वर्ष में2 राजा 11:21, 2 राजा 22:1
पद
2 राजा 11:21जब योआश राजा हुआ उस समय वह सात वर्ष का था।
2 राजा 22:1जब योशिय्याह राज्य करने लगा, तब वह आठ वर्ष का था, और यरूशलेम में इकतीस वर्ष तक राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम यदीदा था जो बोस्कतवासी अदायाह की बेटी थी।
- माता-पिता के कर्ज के बदले बच्चे दास बना लिए जाते हैं2 राजा 4:1, नहे 5:5
पद
2 राजा 4:1भविष्यद्वक्ताओं के दल में से एक की स्त्री ने एलीशा की दुहाई देकर कहा, “तेरा दास मेरा पति मर गया, और तू जानता है कि वह यहोवा का भय माननेवाला था, और जिसका वह कर्जदार था, वह आया है कि मेरे दोनों पुत्रों को अपने दास बनाने के लिये ले जाए।”
नहे 5:5परन्तु हमारा और हमारे भाइयों का शरीर और हमारे और उनके बच्चे एक ही समान हैं, तो भी हम अपने बेटे-बेटियों को दास बनाते हैं; वरन् हमारी कोई-कोई बेटी दासी भी हो चुकी हैं; और हमारा कुछ बस नहीं चलता, क्योंकि हमारे खेत और दाख की बारियाँ औरों के हाथ पड़ी हैं।”
- फ़िरौन आज्ञा देता है कि इब्री बालक नील नदी में डाल दिए जाएँनिर्ग 1:22
पद
निर्ग 1:22तब फ़िरौन ने अपनी सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, “इब्रियों के जितने बेटे उत्पन्न हों उन सभी को तुम नील नदी में डाल देना, और सब बेटियों को जीवित रख छोड़ना।”
- हेरोदेस बैतलहम के दो वर्ष और उससे छोटे लड़कों को मरवा डालता हैमत्ती 2:16
पद
मत्ती 2:16जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने उसके साथ धोखा किया है, तब वह क्रोध से भर गया, और लोगों को भेजकर ज्योतिषियों से ठीक-ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस-पास के स्थानों के सब लड़कों को जो दो वर्ष के या उससे छोटे थे, मरवा डाला।
- बूढ़ों की शोभा उनके नाती-पोते हैंनीति 17:6
पद
नीति 17:6बूढ़ों की शोभा उनके नाती पोते हैं; और बाल-बच्चों की शोभा उनके माता-पिता हैं।
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
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