वह अपनी पीठ पर एक बड़ा किवाड़ उठाए है।
कला में बाइबल · न्यायियों
गाज़ा के नगर-फाटक को उठा ले जाता शिमशोन; शिमशोन को बाँधती दलीला (Ms. 33, fol. 145v, ‘वेल्टक्रोनिक’ से)
अज्ञात चित्रकार, रेगेन्सबर्ग · about 1400–1410
जे. पॉल गेटी म्यूज़ियम, लॉस एंजेलिस
लगभग 1400–1410 के रेगेन्सबर्ग ‘वेल्टक्रोनिक’ का एक पन्ना, जिसमें शिमशोन की कहानी के दो क्षण अगल-बगल हैं।
बाईं ओर शिमशोन कंधे पर पूरा एक किवाड़ रखे लम्बे डग भरता जा रहा है, जबकि हथियारबंद पुरुष नगर-फाटक से झाँकते हैं। दाईं ओर वह दलीला की गोद में सोया है और कवच पहने सैनिक एक चट्टान के पीछे प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पाठ से
- वह नगर के फाटक के पल्ले उठा ले जाता है (न्यायियों 16:3)
- गाज़ावासी फाटक पर घात में लगे रहते हैं (न्यायियों 16:2)
- दलीला उसे बाँधती है, तब पुरुष छिपे बैठे हैं (न्यायियों 16:9)
कलाकार का अपना
- फाटक लोहे के कब्ज़ोंवाले एक ही किवाड़ के रूप में
- पलिश्ती लगभग 1400 के कवच में
विवरण
हथियारबंद पुरुष नगर-फाटक से बाहर झाँकते हैं।
शिमशोन उसकी गोद में सिर रखकर सोया है।
सैनिक एक चट्टान के पीछे प्रतीक्षा करते हैं।
Unknown illuminator, Regensburg; text by Rudolf von Ems (Austrian, about 1200–1254). The J. Paul Getty Museum, Los Angeles (Ms. 33 (88.MP.70), fol. 145v) · Tempera colors, gold, silver paint, and ink · Images provided here are believed to be in the public domain and are available under CC0 through Getty’s Open Content Program. (Getty record: "No Copyright", http://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/)
