मिट्टी के प्रिज़्मों पर लिखे सन्हेरीब के इतिवृत्त डींग मारते हैं कि उसने हिजकिय्याह को यरूशलेम में “पिंजरे में पक्षी की तरह” बन्द कर दिया और नज़राना लिया — पर यह दावा नहीं करते कि नगर गिर गया। नीनवे में उसके महल की दीवारों पर लाकीश की घेराबन्दी दिखाई गई थी।
बाइबल में · 701 ईसा पूर्व · यरूशलेम
यरूशलेम बच जाता है
जब अश्शूर का राजा सन्हेरीब यरूशलेम को धमकाता है, राजा हिजकिय्याह मन्दिर में प्रार्थना करता है। सन्हेरीब के अपने इतिहास-अभिलेख इस अभियान का वर्णन करते हैं।
इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से लेकर पढ़ा। तब यहोवा के भवन में जाकर उसको यहोवा के सामने फैला दिया। और यहोवा से यह प्रार्थना की, “हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजनेवाले! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है। हे यहोवा! कान लगाकर सुन, हे यहोवा आँख खोलकर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उसने जीविते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं। हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है। और उनके देवताओं को आग में झोंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे; इस कारण वे उनको नाश कर सके। इसलिए अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य-राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।” तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास यह कहला भेजा, “इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है: जो प्रार्थना तूने अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय मुझसे की, उसे मैंने सुना है। उसके विषय में यहोवा ने यह वचन कहा है, “सिय्योन की कुमारी कन्या तुझे तुच्छ जानती और तुझे उपहास में उड़ाती है, यरूशलेम की पुत्री, तुझ पर सिर हिलाती है। “तूने जो नामधराई और निन्दा की है, वह किसकी की है? और तूने जो बड़ा बोल बोला और घमण्ड किया है वह किसके विरुद्ध किया है? इस्राएल के पवित्र के विरुद्ध तूने किया है! अपने दूतों के द्वारा तूने प्रभु की निन्दा करके कहा है, कि बहुत से रथ लेकर मैं पर्वतों की चोटियों पर, वरन् लबानोन के बीच तक चढ़ आया हूँ, और मैं उसके ऊँचे-ऊँचे देवदारुओं और अच्छे-अच्छे सनोवर को काट डालूँगा; और उसमें जो सबसे ऊँचा टिकने का स्थान होगा उसमें और उसके वन की फलदाई बारियों में प्रवेश करूँगा। मैंने तो खुदवाकर परदेश का पानी पिया; और मिस्र की नहरों में पाँव धरते ही उन्हें सूखा डालूँगा। क्या तूने नहीं सुना, कि प्राचीनकाल से मैंने यही ठहराया? और पिछले दिनों से इसकी तैयारी की थी, उन्हें अब मैंने पूरा भी किया है, कि तू गढ़वाले नगरों को खण्डहर ही खण्डहर कर दे, इसी कारण उनके रहनेवालों का बल घट गया; वे विस्मित और लज्जित हुए; वे मैदान के छोटे-छोटे पेड़ों और हरी घास और छत पर की घास, और ऐसे अनाज के समान हो गए, जो बढ़ने से पहले सूख जाता है। “मैं तो तेरा बैठा रहना, और कूच करना, और लौट आना जानता हूँ, और यह भी कि तू मुझ पर अपना क्रोध भड़काता है। इस कारण कि तू मुझ पर अपना क्रोध भड़काता और तेरे अभिमान की बातें मेरे कानों में पड़ी हैं; मैं तेरी नाक में अपनी नकेल डालकर और तेरे मुँह में अपना लगाम लगाकर, जिस मार्ग से तू आया है, उसी से तुझे लौटा दूँगा। “और तेरे लिये यह चिन्ह होगा, कि इस वर्ष तो तुम उसे खाओगे जो आप से आप उगें, और दूसरे वर्ष उसे जो उत्पन्न हो वह खाओगे; और तीसरे वर्ष बीज बोने और उसे लवने पाओगे, और दाख की बारियाँ लगाने और उनका फल खाने पाओगे। और यहूदा के घराने के बचे हुए लोग फिर जड़ पकड़ेंगे, और फलेंगे भी। क्योंकि यरूशलेम में से बचे हुए और सिय्योन पर्वत के भागे हुए लोग निकलेंगे। यहोवा यह काम अपनी जलन के कारण करेगा। “इसलिए यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यह कहता है कि वह इस नगर में प्रवेश करने, वरन् इस पर एक तीर भी मारने न पाएगा, और न वह ढाल लेकर इसके सामने आने, या इसके विरुद्ध दमदमा बनाने पाएगा। जिस मार्ग से वह आया, उसी से वह लौट भी जाएगा, और इस नगर में प्रवेश न करने पाएगा, यहोवा की यही वाणी है। और मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर की रक्षा करके इसे बचाऊँगा।” उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकलकर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सवेरे उठे, तब देखा, कि शव ही शव पड़े है। तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौटकर नीनवे में रहने लगा। वहाँ वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत् कर रहा था, कि अद्रम्मेलेक और शरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। तब उसका पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।उसी समय संसार में
701 ईसा पूर्व में अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहूदा पर चढ़ाई की, और राजा हिजकिय्याह के अधीन यरूशलेम बच गया। भविष्यद्वक्ता यशायाह लगभग 740 ईसा पूर्व से सक्रिय था। यह रहा यशायाह के जीवनकाल का संसार।
रोमी परम्परा के अनुसार रोमुलस ने 21 अप्रैल 753 ईसा पूर्व को रोम की स्थापना की — यशायाह की बुलाहट (यशायाह 6:1) से कुछ वर्ष पहले। पुरातत्व दिखाता है कि पैलेटाइन पहाड़ी पर उससे भी पहले गाँव थे।
लगभग इसी युग में इलियड और ओडिसी ने वह लिखित रूप पाया जिसे हम जानते हैं; विद्वान इन्हें लगभग 750 और 650 ईसा पूर्व के बीच का मानते हैं। यूनानियों ने कुछ ही पहले फ़ीनीकी अक्षर अपनाए थे।
चीनी राज्य लू का इतिवृत्त, “वसन्त और शरद के वृत्तान्त”, 722 ईसा पूर्व से आरम्भ होता है — उसी वर्ष सामरिया अश्शूर के हाथ में पड़ा (2 राजाओं 17:6)। परम्परा के अनुसार बाद में कन्फ़्यूशियस ने इसका सम्पादन किया।
2 राजाओं 19:9 कहता है कि कूश का राजा तिर्हाका सन्हेरीब से लड़ने निकला। तहरका 690 ईसा पूर्व में फ़िरौन बना; एक मत के अनुसार 701 में उसने एक युवा राजकुमार के रूप में सेना की अगुवाई की; विद्वान विवरणों पर बहस करते हैं।
घुड़सवार सीथियन पूर्व से काला सागर के उत्तर की स्तेपी में आए। उनके सरदारों को बाद में बड़े-बड़े टीलों, कुरगानों, के नीचे सोने की बढ़िया कारीगरी के साथ दफ़नाया गया; इनमें से बहुत-से आज के यूक्रेन और दक्षिणी रूस में मिले हैं।