वह सफ़ेद वस्त्र में सुनहरी किरणों से घिरा खड़ा है।
कला में बाइबल · मत्ती
रूपान्तरण (Ms. 101, fol. 55v, ‘सचित्र वीटा क्रिस्टी’ से, भक्ति-परिशिष्टों सहित)
अज्ञात अंग्रेज़ चित्रकार · about 1480–1490
जे. पॉल गेटी म्यूज़ियम, लॉस एंजेलिस
ईस्ट एंग्लिया में लगभग 1480–1490 में बनी अंग्रेज़ी मसीह-जीवनी का एक और चित्र। चित्रकार ने आकृतियों के पीछे सोने का पत्तर लगाया और उस पर भूरी रेखाओं से किरणें खींचीं।
सफ़ेद वस्त्र में यीशु एक पहाड़ी की चोटी पर खड़ा है, सुनहरी किरणों और एक सफ़ेद बादल से घिरा। दाढ़ीवाले दो पुरुष दोनों ओर लाल बादलों पर खड़े हैं। नीचे तीन चेले भूमि पर गिर पड़ते हैं और अपनी आँखें ढाँपते हैं।
पाठ से
- उसका वस्त्र ज्योति के समान उजला हो गया (मत्ती 17:2)
- मूसा और एलिय्याह उसके साथ बातें करते हुए दिखाई दिए (मत्ती 17:3)
- चेले मुँह के बल गिरकर अत्यन्त डर गए (मत्ती 17:6)
कलाकार का अपना
- तेज सुनहरी किरणों और झालरदार बादल के रूप में
- पुस्तक थामे मूसा
विवरण
पुस्तक लिए एक दाढ़ीवाला पुरुष — कहानी के अनुसार मूसा।
एक दूसरा दाढ़ीवाला पुरुष — कहानी के अनुसार एलिय्याह।
घास पर गिरे हुए तीन पुरुष।
Unknown illuminator, English (East Anglia). The J. Paul Getty Museum, Los Angeles (Ms. 101 (2008.3), fol. 55v) · Tempera colors and gold leaf, on parchment · Images provided here are believed to be in the public domain and are available under CC0 through Getty’s Open Content Program. (Getty record: "No Copyright", http://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/)
