प्रकृति
बाइबल में भेड़ें
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 38 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
- हाबिल भेड़-बकरियों का चरवाहा थाउत्प 4:2
पद
उत्प 4:2फिर वह उसके भाई हाबिल को भी जन्मी, हाबिल तो भेड़-बकरियों का चरवाहा बन गया, परन्तु कैन भूमि की खेती करनेवाला किसान बना।
- हाबिल अपनी भेड़-बकरियों के पहलौठे लायाउत्प 4:4
पद
उत्प 4:4और हाबिल भी अपनी भेड़-बकरियों के कई एक पहलौठे बच्चे भेंट चढ़ाने ले आया और उनकी चर्बी भेंट चढ़ाई; तब यहोवा ने हाबिल और उसकी भेंट को तो ग्रहण किया,
- अब्राहम ने झाड़ी में सींगों से फँसा हुआ एक मेढ़ा पायाउत्प 22:13
पद
उत्प 22:13तब अब्राहम ने आँखें उठाई, और क्या देखा, कि उसके पीछे एक मेढ़ा अपने सींगों से एक झाड़ी में फँसा हुआ है; अतः अब्राहम ने जाकर उस मेढ़े को लिया, और अपने पुत्र के स्थान पर होमबलि करके चढ़ाया।
- चरवाहे कुएँ के मुँह पर से पत्थर लुढ़काकर झुण्डों को पानी पिलाते थेउत्प 29:2–3
पद
उत्प 29:2–3और उसने दृष्टि करके क्या देखा, कि मैदान में एक कुआँ है, और उसके पास भेड़-बकरियों के तीन झुण्ड बैठे हुए हैं; क्योंकि जो पत्थर उस कुएँ के मुँह पर धरा रहता था, जिसमें से झुण्डों को जल पिलाया जाता था, वह भारी था। और जब सब झुण्ड वहाँ इकट्ठे हो जाते तब चरवाहे उस पत्थर को कुएँ के मुँह पर से लुढ़काकर भेड़-बकरियों को पानी पिलाते, और फिर पत्थर को कुएँ के मुँह पर ज्यों का त्यों रख देते थे।
- राहेल पशु चराती थी; याकूब ने उसके पिता की भेड़-बकरियों को पानी पिलायाउत्प 29:9–10
पद
उत्प 29:9–10उनकी यह बातचीत हो रही थी, कि राहेल जो पशु चराया करती थी, अपने पिता की भेड़-बकरियों को लिये हुए आ गई। अपने मामा लाबान की बेटी राहेल को, और उसकी भेड़-बकरियों को भी देखकर याकूब ने निकट जाकर कुएँ के मुँह पर से पत्थर को लुढ़काकर अपने मामा लाबान की भेड़-बकरियों को पानी पिलाया।
- यित्रो की सात बेटियाँ झुण्ड को पानी पिला रही थीं, और मूसा ने उनकी सहायता कीनिर्ग 2:16–17
पद
निर्ग 2:16–17मिद्यान के याजक की सात बेटियाँ थीं; और वे वहाँ आकर जल भरने लगीं कि कठौतों में भरकर अपने पिता की भेड़-बकरियों को पिलाएँ। तब चरवाहे आकर उनको हटाने लगे; इस पर मूसा ने खड़े होकर उनकी सहायता की, और भेड़-बकरियों को पानी पिलाया।
- मूसा यित्रो की भेड़-बकरियाँ चराते हुए होरेब पहुँचानिर्ग 3:1
पद
निर्ग 3:1मूसा अपने ससुर यित्रो नामक मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की पश्चिमी ओर होरेब नामक परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया।
- सबसे छोटा पुत्र दाऊद बाहर भेड़-बकरियाँ चरा रहा था1 शमू 16:11
पद
1 शमू 16:11तब शमूएल ने यिशै से कहा, “क्या सब लड़के आ गए?” वह बोला, “नहीं, छोटा तो रह गया, और वह भेड़-बकरियों को चरा रहा है।” शमूएल ने यिशै से कहा, “उसे बुलवा भेज; क्योंकि जब तक वह यहाँ न आए तब तक हम खाने को न बैठेंगे।”
- चरवाहा याकूब: दिन को घाम, रात को पाला, जंगली जन्तुओं से हानिउत्प 31:38–40
पद
उत्प 31:38–40इन बीस वर्षों से मैं तेरे पास रहा; इनमें न तो तेरी भेड़-बकरियों के गर्भ गिरे, और न तेरे मेढ़ों का माँस मैंने कभी खाया। जिसे जंगली जन्तुओं ने फाड़ डाला उसको मैं तेरे पास न लाता था, उसकी हानि मैं ही उठाता था; चाहे दिन को चोरी जाता चाहे रात को, तू मुझ ही से उसको ले लेता था। मेरी तो यह दशा थी कि दिन को तो घाम और रात को पाला मुझे खा गया; और नींद मेरी आँखों से भाग जाती थी।
- याकूब की मजदूरी: चित्तीवाले, चितकबरे और काले पशुउत्प 30:32
पद
उत्प 30:32मैं आज तेरी सब भेड़-बकरियों के बीच होकर निकलूँगा, और जो भेड़ या बकरी चित्तीवाली या चितकबरी हो, और जो भेड़ काली हो, और जो बकरी चितकबरी और चित्तीवाली हो, उन्हें मैं अलग कर रखूँगा; और मेरी मजदूरी में वे ही ठहरेंगी।
- कठौतों के पास छीली हुई छड़ियाँ और धारीवाले बच्चेउत्प 30:37–39
पद
उत्प 30:37–39तब याकूब ने चिनार, और बादाम, और अर्मोन वृक्षों की हरी-हरी छड़ियाँ लेकर, उनके छिलके कहीं-कहीं छील के, उन्हें धारीदार बना दिया, ऐसी कि उन छड़ियों की सफेदी दिखाई देने लगी। और तब छीली हुई छड़ियों को भेड़-बकरियों के सामने उनके पानी पीने के कठौतों में खड़ा किया; और जब वे पानी पीने के लिये आईं तब गाभिन हो गईं। छड़ियों के सामने गाभिन होकर, भेड़-बकरियाँ धारीवाले, चित्तीवाले और चितकबरे बच्चे जनीं।
- गड़ेरिये रात को अपने झुण्ड का पहरा देते थेलूका 2:8
पद
लूका 2:8और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदानों में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।
- भेड़ें चरवाहे का शब्द पहचानती हैं; वह उन्हें नाम ले लेकर बुलाता हैयूह 10:3–4
पद
यूह 10:3–4उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले लेकर बुलाता है और बाहर ले जाता है। और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उनके आगे-आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे-पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं।
ऊन, दूध और ऊन कतरना
- भेड़-बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी और बाशान के मेढ़ेव्यव 32:14
पद
व्यव 32:14गायों का दही, और भेड़-बकरियों का दूध, मेम्नों की चर्बी, बकरे और बाशान की जाति के मेढ़े, और गेहूँ का उत्तम से उत्तम आटा भी खाया; और तू दाखरस का मधु पिया करता था।
- जब राहेल गृहदेवता ले गई, लाबान अपनी भेड़ों का ऊन कतरने गया थाउत्प 31:19
पद
उत्प 31:19लाबान तो अपनी भेड़ों का ऊन कतरने के लिये चला गया था, और राहेल अपने पिता के गृहदेवताओं को चुरा ले गई।
- यहूदा तिम्नाह में अपने ऊन कतरनेवालों के पास गयाउत्प 38:12–13
पद
उत्प 38:12–13बहुत समय के बीतने पर यहूदा की पत्नी जो शूआ की बेटी थी, वह मर गई; फिर यहूदा शोक के दिन बीतने पर अपने मित्र हीरा अदुल्लामवासी समेत अपनी भेड़-बकरियों का ऊन कतरनेवालों के पास तिम्नाह को गया। और तामार को यह समाचार मिला, “तेरा ससुर अपनी भेड़-बकरियों का ऊन कतराने के लिये तिम्नाह को जा रहा है।”
- नाबाल की 3,000 भेड़ें और 1,000 बकरियाँ थीं; वह कर्मेल में ऊन कतर रहा था1 शमू 25:2
पद
1 शमू 25:2माओन में एक पुरुष रहता था जिसका व्यापार कर्मेल में था। और वह पुरुष बहुत धनी था, और उसकी तीन हजार भेड़ें, और एक हजार बकरियाँ थीं; और वह अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा था।
- ऊन कतरने का समय भोज का समय था: नाबाल का और अबशालोम का1 शमू 25:11, 1 शमू 25:36, 2 शमू 13:23–24
पद
1 शमू 25:11क्या मैं अपनी रोटी-पानी और जो पशु मैंने अपने कतरनेवालों के लिये मारे हैं लेकर ऐसे लोगों को दे दूँ, जिनको मैं नहीं जानता कि कहाँ के हैं?”
1 शमू 25:36तब अबीगैल नाबाल के पास लौट गई; और क्या देखती है, कि वह घर में राजा का सा भोज कर रहा है। और नाबाल का मन मगन है, और वह नशे में अति चूर हो गया है; इसलिए उसने भोर का उजियाला होने से पहले उससे कुछ भी न कहा।
2 शमू 13:23–24दो वर्ष के बाद अबशालोम ने एप्रैम के निकट के बाल्हासोर में अपनी भेड़ों का ऊन कतरवाया और अबशालोम ने सब राजकुमारों को नेवता दिया। वह राजा के पास जाकर कहने लगा, “विनती यह है, कि तेरे दास की भेड़ों का ऊन कतरा जाता है, इसलिए राजा अपने कर्मचारियों समेत अपने दास के संग चले।”
- भेड़ों का पहला कतरा हुआ ऊन याजकों को दिया जाता थाव्यव 18:3–4
पद
व्यव 18:3–4और चाहे गाय-बैल चाहे भेड़-बकरी का मेलबलि हो, उसके करनेवाले लोगों की ओर से याजकों का हक़ यह हो, कि वे उसका कंधा और दोनों गाल और पेट याजक को दें। तू उसको अपनी पहली उपज का अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल, और अपनी भेड़ों का वह ऊन देना जो पहली बार कतरा गया हो।
- अय्यूब ने अपनी भेड़ों के ऊन से कंगालों को गर्म रखाअय्यू 31:20
पद
अय्यू 31:20और उसको अपनी भेड़ों की ऊन के कपड़े न दिए हों, और उसने गर्म होकर मुझे आशीर्वाद न दिया हो;
गिनती में झुण्ड
- मोआब का राजा मेशा 100,000 मेम्ने और 100,000 मेढ़ों का ऊन देता था2 राजा 3:4
पद
2 राजा 3:4मोआब का राजा मेशा बहुत सी भेड़-बकरियाँ रखता था, और इस्राएल के राजा को एक लाख बच्चे और एक लाख मेढ़ों का ऊन कर की रीति से दिया करता था।
- अरब के लोग यहोशापात के पास 7,700 मेढ़े और 7,700 बकरे लाए2 इति 17:11
पद
2 इति 17:11कुछ पलिश्ती यहोशापात के पास भेंट और कर समझकर चाँदी लाए; और अरब के लोग भी सात हजार सात सौ मेढ़े और सात हजार सात सौ बकरे ले आए।
- हग्रियों से 250,000 भेड़-बकरियाँ ली गईं1 इति 5:21
पद
1 इति 5:21और इन्होंने उनके पशु हर लिए, अर्थात् ऊँट तो पचास हजार, भेड़-बकरी ढाई लाख, गदहे दो हजार, और मनुष्य एक लाख बन्धुए करके ले गए।
- अय्यूब की 7,000 भेड़-बकरियाँ थीं, बाद में 14,000अय्यू 1:3, अय्यू 42:12
पद
अय्यू 1:3फिर उसके सात हजार भेड़-बकरियाँ, तीन हजार ऊँट, पाँच सौ जोड़ी बैल, और पाँच सौ गदहियाँ, और बहुत ही दास-दासियाँ थीं; वरन् उसके इतनी सम्पत्ति थी, कि पूर्वी देशों में वह सबसे बड़ा था।
अय्यू 42:12और यहोवा ने अय्यूब के बाद के दिनों में उसको पहले के दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हजार भेड़-बकरियाँ, छः हजार ऊँट, हजार जोड़ी बैल, और हजार गदहियाँ हो गईं।
- केदार सोर के साथ मेम्नों, मेढ़ों और बकरों का व्यापार करता थायहे 27:21
पद
यहे 27:21अरब और केदार के सब प्रधान तेरे व्यापारी ठहरे; उन्होंने मेम्ने, मेढ़े, और बकरे लाकर तेरे साथ लेन-देन किया।
- मन्दिर की प्रतिष्ठा पर सुलैमान ने 120,000 भेड़ें चढ़ाईं1 राजा 8:63
पद
1 राजा 8:63और जो पशु सुलैमान ने मेलबलि में यहोवा को चढ़ाए, वे बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ें थीं। इस रीति राजा ने सब इस्राएलियों समेत यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।
व्यवस्था में
- चुराई गई भेड़ मार डाली या बेच दी जाए: चार भेड़ें भरनी पड़ती थींनिर्ग 22:1
पद
निर्ग 22:1“यदि कोई मनुष्य बैल, या भेड़, या बकरी चुराकर उसका घात करे या बेच डाले, तो वह बैल के बदले पाँच बैल, और भेड़-बकरी के बदले चार भेड़-बकरी भर दे।
- जंगली पशुओं की फाड़ी हुई भेड़: प्रमाण के लिये लोथ लानानिर्ग 22:10, निर्ग 22:13
पद
निर्ग 22:10“यदि कोई दूसरे को गदहा या बैल या भेड़-बकरी या कोई और पशु रखने के लिये सौंपे, और किसी के बिना देखे वह मर जाए, या चोट खाए, या हाँक दिया जाए,
निर्ग 22:13और यदि वह फाड़ डाला गया हो, तो वह फाड़े हुए को प्रमाण के लिये ले आए, तब उसे उसको भी भर देना न पड़ेगा।
यरूशलेम में
- याजकों ने भेड़फाटक को फिर से बनायानहे 3:1
पद
नहे 3:1तब एल्याशीब महायाजक ने अपने भाई याजकों समेत कमर बाँधकर भेड़फाटक को बनाया। उन्होंने उसकी प्रतिष्ठा की, और उसके पल्लों को भी लगाया; और हम्मेआ नामक गुम्मट तक वरन् हननेल के गुम्मट के पास तक उन्होंने शहरपनाह की प्रतिष्ठा की।
- बैतहसदा का कुण्ड भेड़-फाटक के पास थायूह 5:2
पद
यूह 5:2यरूशलेम में भेड़-फाटक के पास एक कुण्ड है, जो इब्रानी भाषा में बैतहसदा कहलाता है, और उसके पाँच ओसारे हैं।
वचन
- दाँत “ऊन कतरी हुई भेड़ों के झुण्ड के समान हैं, जो नहाकर ऊपर आई हों”श्रेष्ठ 4:2
पद
श्रेष्ठ 4:2तेरे दाँत उन ऊन कतरी हुई भेड़ों के झुण्ड के समान हैं, जो नहाकर ऊपर आई हों, उनमें हर एक के दो-दो जुड़वा बच्चे होते हैं। और उनमें से किसी का साथी नहीं मरा।
- “अपनी भेड़-बकरियों की दशा भली भाँति मन लगाकर जान ले”नीति 27:23
पद
नीति 27:23अपनी भेड़-बकरियों की दशा भली भाँति मन लगाकर जान ले, और अपने सब पशुओं के झुण्डों की देख-भाल उचित रीति से कर;
- “भेड़ों के बच्चे तेरे वस्त्र के लिये होंगे”नीति 27:26
पद
नीति 27:26तब भेड़ों के बच्चे तेरे वस्त्र के लिये होंगे, और बकरों के द्वारा खेत का मूल्य दिया जाएगा;
- “भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है”यशा 53:7
पद
यशा 53:7वह सताया गया, तो भी वह सहता रहा और अपना मुँह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय और भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उसने भी अपना मुँह न खोला।
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.