प्रकृति
बाइबल में घोड़े
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी के 37 अंश, पंक्ति-दर-पंक्ति, Nave’s Topical Bible से।
- अय्यूब: घोड़ा तराई में टाप मारता, अपने बल से हर्षित होता और युद्ध में कूद पड़ता हैअय्यू 39:19–21
पद
अय्यू 39:19–21“क्या तूने घोड़े को उसका बल दिया है? क्या तूने उसकी गर्दन में फहराते हुई घने बाल जमाए है? क्या उसको टिड्डी की सी उछलने की शक्ति तू देता है? उसके फूँक्कारने का शब्द डरावना होता है। वह तराई में टाप मारता है और अपने बल से हर्षित रहता है, वह हथियार-बन्दों का सामना करने को निकल पड़ता है।
- वह डर की बात पर हँसता है और तलवार से पीछे नहीं हटताअय्यू 39:22–23
पद
अय्यू 39:22–23वह डर की बात पर हँसता, और नहीं घबराता; और तलवार से पीछे नहीं हटता। तरकश और चमकता हुआ सांग और भाला उस पर खड़खड़ाता है।
- नरसिंगा सुनकर वह रुकता नहीं; लड़ाई को दूर से सूँघ लेता हैअय्यू 39:24–25
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अय्यू 39:24–25वह रिस और क्रोध के मारे भूमि को निगलता है; जब नरसिंगे का शब्द सुनाई देता है तब वह रुकता नहीं। जब जब नरसिंगा बजता तब-तब वह हिन-हिन करता है, और लड़ाई और अफसरों की ललकार और जय जयकार को दूर से सूँघ लेता है।
- युद्ध के घोड़ों का फुर्राना और हिनहिनाना दूर से सुनाई देता थायिर्म 8:16
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यिर्म 8:16“उनके घोड़ों का फुर्राना दान से सुनाई देता है, और बलवन्त घोड़ों के हिनहिनाने के शब्द से सारा देश काँप उठा है। उन्होंने आकर हमारे देश को और जो कुछ उसमें है, और हमारे नगर को निवासियों समेत नाश किया है।
- मुँह में लगाम लगाकर सवार उनकी सारी देह घुमा सकते हैंयाकू 3:3
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याकू 3:3जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुँह में लगाम लगाते हैं, तो हम उनकी सारी देह को भी घुमा सकते हैं।
- घोड़े और खच्चर को लगाम और रास से रोकना पड़ता हैभज 32:9
पद
भज 32:9तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और रास से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।
- रथ के घोड़ों के लिये जौ और पुआल पहुँचाया जाता था1 राजा 4:28
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1 राजा 4:28घोड़ों और वेग चलनेवाले घोड़ों के लिये जौ और पुआल जहाँ प्रयोजन होता था वहाँ आज्ञा के अनुसार एक-एक जन पहुँचाया करता था।
- गाड़ी के पहिये और घोड़े अनाज पर चलकर उसे चूर-चूर नहीं करते थेयशा 28:28
पद
यशा 28:28रोटी के अन्न की दाँवनी की जाती है, परन्तु कोई उसको सदा दाँवता नहीं रहता; और न गाड़ी के पहिये न घोड़े उस पर चलाता है, वह उसे चूर-चूर नहीं करता।
युद्ध में
- फ़िरौन के घोड़ों और रथों ने समुद्र तक इस्राएल का पीछा कियानिर्ग 14:9, निर्ग 15:19
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निर्ग 14:9पर फ़िरौन के सब घोड़ों, और रथों, और सवारों समेत मिस्री सेना ने उनका पीछा करके उनके पास, जो पीहहीरोत के पास, बाल-सपोन के सामने, समुद्र के किनारे पर डेरे डालें पड़े थे, जा पहुँची।
निर्ग 15:19यह गीत गाने का कारण यह है, कि फ़िरौन के घोड़े रथों और सवारों समेत समुद्र के बीच में चले गए, और यहोवा उनके ऊपर समुद्र का जल लौटा ले आया; परन्तु इस्राएली समुद्र के बीच स्थल ही स्थल पर होकर चले गए।
- यहोशू ने शत्रुओं के घोड़ों के घुटनों की नस कटवाई और उनके रथ जला दिएयहो 11:6, यहो 11:9
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यहो 11:6तब यहोवा ने यहोशू से कहा, “उनसे मत डर, क्योंकि कल इसी समय मैं उन सभी को इस्राएलियों के वश में करके मरवा डालूँगा; तब तू उनके घोड़ों के घुटनों की नस कटवाना, और उनके रथ भस्म कर देना।”
यहो 11:9तब यहोशू ने यहोवा की आज्ञा के अनुसार उनसे किया, अर्थात् उनके घोड़ों के घुटनों की नस कटवाई, और उनके रथ आग में जलाकर भस्म कर दिए।
- दाऊद ने एक सौ को छोड़ सब रथ के घोड़ों की नस कटवाई2 शमू 8:4
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2 शमू 8:4और दाऊद ने उससे एक हजार सात सौ सवार, और बीस हजार प्यादे छीन लिए; और सब रथवाले घोड़ों के घुटनों के पीछे की नस कटवाई, परन्तु एक सौ रथ के लिये घोड़े बचा रखे।
- राजा यहोशापात अहाब से: “जैसे तेरे घोड़े हैं वैसे ही मेरे भी घोड़े हैं”1 राजा 22:4
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1 राजा 22:4और उसने यहोशापात से पूछा, “क्या तू मेरे संग गिलाद के रामोत से लड़ने के लिये जाएगा?” यहोशापात ने इस्राएल के राजा को उत्तर दिया, “जैसा तू है वैसा मैं भी हूँ। जैसी तेरी प्रजा है वैसी ही मेरी भी प्रजा है, और जैसे तेरे घोड़े हैं वैसे ही मेरे भी घोड़े हैं।”
- अश्शूरी ताना: दो हजार घोड़े, यदि तू उन पर सवार चढ़ा सके2 राजा 18:23
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2 राजा 18:23तो अब मेरे स्वामी अश्शूर के राजा के पास कुछ बन्धक रख, तब मैं तुझे दो हजार घोड़े दूँगा, क्या तू उन पर सवार चढ़ा सकेगा कि नहीं?
- सामरिया में भेदिए अरामियों के पीछे दो रथ घोड़ों समेत लेकर गए2 राजा 7:13–14
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2 राजा 7:13–14परन्तु राजा के किसी कर्मचारी ने उत्तर देकर कहा, “जो घोड़े नगर में बच रहे हैं उनमें से लोग पाँच घोड़े लें, और उनको भेजकर हम हाल जान लें। वे तो इस्राएल की सब भीड़ के समान हैं जो नगर में रह गई है वरन् इस्राएल की जो भीड़ मर मिट गई है वे उसी के समान हैं।” अतः उन्होंने दो रथ और उनके घोड़े लिये, और राजा ने उनको अराम की सेना के पीछे भेजा; और कहा, “जाओ, देखो।”
- “घोड़ों को जुतवाओ; और हे सवारों, घोड़ों पर चढ़कर टोप पहने हुए खड़े हो जाओ”यिर्म 46:4
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यिर्म 46:4घोड़ों को जुतवाओ; और हे सवारों, घोड़ों पर चढ़कर टोप पहने हुए खड़े हो जाओ; भालों को पैना करो, झिलमों को पहन लो!
- बलवन्त घोड़ों की टाप और रथों के पहियों का कोलाहलयिर्म 47:3
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यिर्म 47:3शत्रुओं के बलवन्त घोड़ों की टाप, रथों के वेग चलने और उनके पहियों के चलने का कोलाहल सुनकर पिता के हाथ-पाँव ऐसे ढीले पड़ जाएँगे, कि वह मुँह मोड़कर अपने लड़कों को भी न देखेगा।
राजा और व्यापार
- व्यवस्था: राजा बहुत घोड़े न रखेव्यव 17:16
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व्यव 17:16और वह बहुत घोड़े न रखे, और न इस मनसा से अपनी प्रजा के लोगों को मिस्र में भेजे कि उसके पास बहुत से घोड़े हो जाएँ, क्योंकि यहोवा ने तुम से कहा है, कि तुम उस मार्ग से फिर कभी न लौटना।
- सुलैमान के रथ के घोड़ों के घुड़साल और उसके घुड़सवार1 राजा 4:26, 2 इति 9:25
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1 राजा 4:26फिर उसके रथ के घोड़ों के लिये सुलैमान के चालीस हजार घुड़साल थे, और उसके बारह हजार घुड़सवार थे।
2 इति 9:25अपने घोड़ों और रथों के लिये सुलैमान के चार हजार घुड़साल और बारह हजार घुड़सवार भी थे, जिनको उसने रथों के नगरों में और यरूशलेम में राजा के पास ठहरा रखा।
- मिस्र से एक घोड़ा 150 शेकेल चाँदी में आता था, एक रथ 600 में1 राजा 10:28–29
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1 राजा 10:28–29और जो घोड़े सुलैमान रखता था, वे मिस्र से आते थे, और राजा के व्यापारी उन्हें झुण्ड-झुण्ड करके ठहराए हुए दाम पर लिया करते थे। एक रथ तो छः सौ शेकेल चाँदी में, और एक घोड़ा डेढ़ सौ शेकेल में, मिस्र से आता था, और इसी दाम पर वे हित्तियों और अराम के सब राजाओं के लिये भी व्यापारियों के द्वारा आते थे।
- सुलैमान के घोड़े मिस्र और अन्य देशों से आते थे1 राजा 10:28, 2 इति 9:28
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1 राजा 10:28और जो घोड़े सुलैमान रखता था, वे मिस्र से आते थे, और राजा के व्यापारी उन्हें झुण्ड-झुण्ड करके ठहराए हुए दाम पर लिया करते थे।
2 इति 9:28लोग मिस्र से और अन्य सभी देशों से सुलैमान के लिये घोड़े लाते थे।
- तोगर्मा के घराने ने सोर को घोड़े, सवारी के घोड़े और खच्चर दिएयहे 27:14
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यहे 27:14तोगर्मा के घराने के लोगों ने तेरी सम्पत्ति लेकर घोड़े, सवारी के घोड़े और खच्चर दिए।
- बाबेल से लौटनेवालों के पास 736 घोड़े और 245 खच्चर थेएज्रा 2:66
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एज्रा 2:66उनके घोड़े सात सौ छत्तीस, खच्चर दो सौ पैंतालीस, ऊँट चार सौ पैंतीस,
- यहूदा के कुछ लोग मिस्र के घोड़ों और रथों का आसरा लेने गएयशा 31:1
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यशा 31:1हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मिस्र को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्र की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं!
- योशिय्याह ने वे घोड़े दूर किए जो यहूदा के राजाओं ने सूर्य को अर्पण किए थे2 राजा 23:11
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2 राजा 23:11जो घोड़े यहूदा के राजाओं ने सूर्य को अर्पण करके, यहोवा के भवन के द्वार पर नतन्मेलेक नामक खोजे की बाहर की कोठरी में रखे थे, उनको उसने दूर किया, और सूर्य के रथों को आग में फूँक दिया।
- मोर्दकै को राजा के अपने घोड़े पर नगर में घुमाया गयाएस्ते 6:8–11
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एस्ते 6:8–11उसके लिये राजकीय वस्त्र लाया जाए, जो राजा पहनता है, और एक घोड़ा भी, जिस पर राजा सवार होता है, और उसके सिर पर जो राजकीय मुकुट धरा जाता है वह भी लाया जाए। फिर वह वस्त्र, और वह घोड़ा राजा के किसी बड़े हाकिम को सौंपा जाए, और जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता हो, उसको वह वस्त्र पहनाया जाए, और उस घोड़े पर सवार करके, नगर के चौक में उसे फिराया जाए; और उसके आगे-आगे यह प्रचार किया जाए, ‘जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है, उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा।’” राजा ने हामान से कहा, “फुर्ती करके अपने कहने के अनुसार उस वस्त्र और उस घोड़े को लेकर, उस यहूदी मोर्दकै से जो राजभवन के फाटक में बैठा करता है, वैसा ही कर। जैसा तूने कहा है उसमें कुछ भी कमी होने न पाए।” तब हामान ने उस वस्त्र, और उस घोड़े को लेकर, मोर्दकै को पहनाया, और उसे घोड़े पर चढ़ाकर, नगर के चौक में इस प्रकार पुकारता हुआ घुमाया, “जिसकी प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है उसके साथ ऐसा ही किया जाएगा।”
- अग्निमय रथ और अग्निमय घोड़ों ने एलिय्याह को एलीशा से अलग किया2 राजा 2:11
पद
2 राजा 2:11वे चलते-चलते बातें कर रहे थे, कि अचानक एक अग्निमय रथ और अग्निमय घोड़ों ने उनको अलग-अलग किया, और एलिय्याह बवंडर में होकर स्वर्ग पर चढ़ गया।
वचन
- “उसके घोड़े उकाबों से भी अधिक वेग से चलते हैं”यिर्म 4:13
पद
यिर्म 4:13देखो, वह बादलों के समान चढ़ाई करके आ रहा है, उसके रथ बवण्डर के समान और उसके घोड़े उकाबों से भी अधिक वेग से चलते हैं। हम पर हाय, हम नाश हुए!
- “उनके घोड़े चीतों से भी अधिक वेग से चलनेवाले हैं, और साँझ को आहेर करनेवाले भेड़ियों से भी अधिक क्रूर हैं”हब 1:8
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हब 1:8उनके घोड़े चीतों से भी अधिक वेग से चलनेवाले हैं, और साँझ को आहेर करनेवाले भेड़ियों से भी अधिक क्रूर हैं; उनके सवार दूर-दूर कूदते-फाँदते आते हैं। हाँ, वे दूर से चले आते हैं; और आहेर पर झपटनेवाले उकाब के समान झपट्टा मारते हैं।
- “युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है”नीति 21:31
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नीति 21:31युद्ध के दिन के लिये घोड़ा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है।
- एक भजन: घोड़ा अपने बड़े बल के द्वारा भी किसी को नहीं बचा सकताभज 33:17
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भज 33:17विजय पाने के लिए घोड़ा व्यर्थ सुरक्षा है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है।
- “घोड़े के लिये कोड़ा, गदहे के लिये लगाम”नीति 26:3
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नीति 26:3घोड़े के लिये कोड़ा, गदहे के लिये लगाम, और मूर्खों की पीठ के लिये छड़ी है।
- “क्या घोड़े चट्टान पर दौड़ें?”आमो 6:12
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आमो 6:12क्या घोड़े चट्टान पर दौड़ें? क्या कोई ऐसे स्थान में बैलों से जोते जहाँ तुम लोगों ने न्याय को विष से, और धार्मिकता के फल को कड़वे फल में बदल डाला है?
- “तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घोड़ों के संग कैसे बराबरी कर सकेगा?”यिर्म 12:5
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यिर्म 12:5“तू जो प्यादों ही के संग दौड़कर थक गया है तो घोड़ों के संग कैसे बराबरी कर सकेगा? और यद्यपि तू शान्ति के इस देश में निडर है, परन्तु यरदन के आस-पास के घने जंगल में तू क्या करेगा?
स्रोत
Nave’s Topical Bible (Orville J. Nave, 1896; सार्वजनिक क्षेत्र) से: विषय चुने गए, पंक्तियाँ संक्षिप्त करके आधुनिक शब्दों में रखी गईं, व्याख्या की पंक्तियाँ छोड़ दी गईं; हर पद जाँचा गया।
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.