Bible Explorer

अन्वेषण › सुसमाचार साथ-साथ › यीशु का दुःखभोग

सुसमाचार साथ-साथ · यीशु का दुःखभोग

यीशु को मार डालने का षड्यंत्र

मत्ती 26:1–5 · मर 14:1–2 · लूका 22:1–2

मत्ती

मत्ती 26:1–5

1जब यीशु ये सब बातें कह चुका, तो अपने चेलों से कहने लगा।

2“तुम जानते हो, कि दो दिन के बाद फसह का पर्व होगा; और मनुष्य का पुत्र क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिये पकड़वाया जाएगा।”

3तब प्रधान याजक और प्रजा के पुरनिए कैफा नामक महायाजक के आँगन में इकट्ठे हुए।

4और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छल से पकड़कर मार डालें।

5परन्तु वे कहते थे, “पर्व के समय नहीं; कहीं ऐसा न हो कि लोगों में दंगा मच जाए।”

मरकुस

मर 14:1–2

1दो दिन के बाद फसह और अख़मीरी रोटी का पर्व होनेवाला था। और प्रधान याजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसे कैसे छल से पकड़कर मार डालें।

2परन्तु कहते थे, “पर्व के दिन नहीं, कहीं ऐसा न हो कि लोगों में दंगा मचे।”

लूका

लूका 22:1–2

1अख़मीरी रोटी का पर्व जो फसह कहलाता है, निकट था।

2और प्रधान याजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसको कैसे मार डालें, पर वे लोगों से डरते थे।

चिह्नित: वे शब्द जो हर वृत्तांत में हैं, उस अनुवाद में जो आप पढ़ते हैं। सबसे आम शब्द (“और”, “वह”) चिह्नित नहीं होते; किसी दूसरे रूप में आया शब्द शायद चिह्नित न हो।

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · समानांतर अंश पाठ से हाथ से चुने गए और OpenBible.info के प्रति-संदर्भों (CC BY) से जाँचे गए। केवल एक ही घटना या एक ही कथन को साथ-साथ रखा गया है। OpenBible.info · CC BY