मेदिनेत हाबू में अपने मन्दिर की दीवारों पर रामसेस तृतीय ने “समुद्री लोगों” पर अपनी विजय दिखाई, जिन्होंने थल और जल दोनों मार्गों से मिस्र पर आक्रमण किया था। उनमें पेलेसेत भी थे, जिन्हें प्रायः पलिश्ती माना जाता है।
बाइबल में · लगभग 1150 ईसा पूर्व (परम्परागत तिथि इससे पहले) · यिज्रेल की तराई, मोरे पहाड़ी के पास
गिदोन के तीन सौ
केवल तीन सौ पुरुषों के साथ, जो नरसिंगे और घड़ों में छिपी मशालें लिए हुए थे, गिदोन यिज्रेल की तराई में मिद्यानियों की छावनी को भगा देता है।
तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नामक सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनके उत्तरी ओर मोरे नामक पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी। तब यहोवा ने गिदोन से कहा, “जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगेंगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं। इसलिए तू जाकर लोगों में यह प्रचार करके सुना दे, ‘जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए।’” तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए। फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, “अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहाँ मैं उन्हें तेरे लिये परखूँगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूँ, ‘यह तेरे संग चले,’ वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय में मैं कहूँ, ‘यह तेरे संग न जाए,’ वह न जाए।” तब वह उनको सोते के पास नीचे ले गया; वहाँ यहोवा ने गिदोन से कहा, “जितने कुत्ते की समान जीभ से पानी चपड़-चपड़ करके पीएँ उनको अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएँ।” जिन्होंने मुँह में हाथ लगाकर चपड़-चपड़ करके पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया। तब यहोवा ने गिदोन से कहा, “इन तीन सौ चपड़-चपड़ करके पीनेवालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊँगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूँगा; और अन्य लोग अपने-अपने स्थान को लौट जाए।” तब उन तीन सौ लोगों ने अपने साथ भोजन सामग्री ली और अपने-अपने नरसिंगे लिए; और उसने इस्राएल के अन्य सब पुरुषों को अपने-अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरुषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी। उसी रात को यहोवा ने उससे कहा, “उठ, छावनी पर चढ़ाई कर; क्योंकि मैं उसे तेरे हाथ कर देता हूँ। परन्तु यदि तू चढ़ाई करते डरता हो, तो अपने सेवक फूरा को संग लेकर छावनी के पास जाकर सुन, कि वे क्या कह रहे हैं; उसके बाद तुझे उस छावनी पर चढ़ाई करने का हियाव होगा।” तब वह अपने सेवक फूरा को संग ले उन हथियार-बन्दों के पास जो छावनी के छोर पर थे उतर गया। मिद्यानी और अमालेकी और सब पूर्वी लोग तो टिड्डियों के समान बहुत से तराई में फैले पड़े थे; और उनके ऊँट समुद्र तट के रेतकणों के समान गिनती से बाहर थे। जब गिदोन वहाँ आया, तब एक जन अपने किसी संगी को अपना स्वप्न बता रहा था, “सुन, मैंने स्वप्न में क्या देखा है कि जौ की एक रोटी लुढ़कते-लुढ़कते मिद्यान की छावनी में आई, और डेरे को ऐसी टक्कर मारी कि वह गिर गया, और उसको ऐसा उलट दिया, कि डेरा गिरा पड़ा रहा।” उसके संगी ने उत्तर दिया, “यह योआश के पुत्र गिदोन नामक एक इस्राएली पुरुष की तलवार को छोड़ कुछ नहीं है; उसी के हाथ में परमेश्वर ने मिद्यान को सारी छावनी समेत कर दिया है।” उस स्वप्न का वर्णन और फल सुनकर गिदोन ने दण्डवत् किया; और इस्राएल की छावनी में लौटकर कहा, “उठो, यहोवा ने मिद्यानी सेना को तुम्हारे वश में कर दिया है।” तब उसने उन तीन सौ पुरुषों के तीन झुण्ड किए, और एक-एक पुरुष के हाथ में एक नरसिंगा और खाली घड़ा दिया, और घड़ों के भीतर एक मशाल थी। फिर उसने उनसे कहा, “मुझे देखो, और वैसा ही करो; सुनो, जब मैं उस छावनी की छोर पर पहुँचूँ, तब जैसा मैं करूँ वैसा ही तुम भी करना। अर्थात् जब मैं और मेरे सब संगी नरसिंगा फूँकें तब तुम भी छावनी के चारों ओर नरसिंगे फूँकना, और ललकारना, ‘यहोवा की और गिदोन की तलवार।’” बीचवाले पहर के आरम्भ में जैसे ही पहरुओं की बदली हो गई थी वैसे ही गिदोन अपने संग के सौ पुरुषों समेत छावनी के छोर पर गया; और नरसिंगे को फूँक दिया और अपने हाथ के घड़ों को तोड़ डाला। तब तीनों झुण्डों ने नरसिंगों को फूँका और घड़ों को तोड़ डाला; और अपने-अपने बाएँ हाथ में मशाल और दाहिने हाथ में फूँकने को नरसिंगा लिए हुए चिल्ला उठे, ‘यहोवा की तलवार और गिदोन की तलवार।’ तब वे छावनी के चारों ओर अपने-अपने स्थान पर खड़े रहे, और सब सेना के लोग दौड़ने लगे; और उन्होंने चिल्ला चिल्लाकर उन्हें भगा दिया। और उन्होंने तीन सौ नरसिंगों को फूँका, और यहोवा ने एक-एक पुरुष की तलवार उसके संगी पर और सब सेना पर चलवाई; तो सेना के लोग सरेरा की ओर बेतशित्ता तक और तब्बात के पास के आबेल-महोला तक भाग गए।उसी समय संसार में
इतिहासकार प्रायः दबोरा से शिमशोन तक के न्यायियों को 12वीं और 11वीं सदी ईसा पूर्व में रखते हैं; बाइबल की अपनी संख्याओं से पीछे गिनने पर वे और पहले पड़ते हैं। यह पूर्वी भूमध्य सागर के महान काँस्य युग के राज्यों के ढह जाने के बाद का समय था, जब पलिश्ती कनान के तट पर बस गए। यह रहा लगभग 1150 ईसा पूर्व का संसार।
मध्य अनातोलिया में हित्ती साम्राज्य की राजधानी हत्तूसा छोड़ दी गई और जला दी गई, और साम्राज्य का अन्त हो गया। सीरिया के तट पर उगारित, जो अपनी निजी वर्णमाला वाला एक धनी व्यापारिक नगर था, उन्हीं वर्षों में नष्ट हुआ।
यूनान में माइसीनी, पाइलोस और थीब्स के महल नष्ट हो गए। पाइलोस में आग ने लीनियर बी में — सबसे पुरानी यूनानी लिपि में — लिखी मिट्टी की सैकड़ों पट्टियों को पका दिया और इस तरह उन्हें बचा लिया; इसके बाद यूनानियों ने कोई चार सदियों तक लिखना छोड़ दिया।
सिचुआन के सानशिंगदुई में एक ऐसी जाति ने, जो चीनी लिखित अभिलेखों में अज्ञात है, बाहर निकली आँखोंवाले काँसे के मुखौटे और आधार समेत लगभग 2.6 मीटर ऊँची एक मूर्ति ढाली, और उन्हें हाथीदाँत और सोने के साथ गड्ढों में गाड़ दिया।
बहुत-से विद्वानों के मत में ऊपरी गंगा के मैदान में कुरु वैदिक युग का पहला राज्य बने। इसके पुरोहितों ने वेदों के सूक्तों और उनके अनुष्ठानों के नियमों को एकत्र और व्यवस्थित करना आरम्भ किया।
न्यू गिनी के पास के द्वीपों से लापिता लोग, जो अपने बारीक ठप्पेदार मिट्टी के बर्तनों से पहचाने जाते हैं, आउटरिगर डोंगियों में पूर्व की ओर चल पड़े। लगभग 900–800 ईसा पूर्व तक वे फ़िजी, टोंगा और समोआ पहुँच गए, ऐसे द्वीप जहाँ पहले कोई नहीं रहता था।