पसलियोंदार घुमावदार छत और अँधेरे द्वार वाला एक लम्बा कक्ष, कुछ चौड़ी रेखाओं में बना।
कला में बाइबल · उत्पत्ति
नूह का जहाज
रेम्ब्रांट · c. 1660
आर्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ शिकागो
रेम्ब्रांट ने यह चित्र लगभग 1660 में एम्स्टर्डम में, अपने जीवन के अन्तिम दिनों के पास, क़लम और भूरे रंग से भरे ब्रश से बनाया। यह उनके अपने लिए एक अध्ययन था, कोई पूर्ण चित्र नहीं।
अभी न जल-प्रलय है, न तूफ़ान। जहाज घुमावदार छत वाले एक लम्बे खलिहान-जैसे कक्ष के रूप में है, और कुछ लोग अपने पशुओं के साथ उसके द्वार की ओर ऊपर चल रहे हैं, जबकि दूसरे खड़े होकर देख रहे हैं।
पाठ से
- “नूह अपने पुत्रों, पत्नी और बहुओं समेत, जल-प्रलय से बचने के लिये जहाज में गया” (उत्पत्ति 7:7)
- पशु “जहाज में नूह के पास गए” (उत्पत्ति 7:8–9)
कलाकार का अपना
- जहाज जहाज़ी नाव नहीं, बल्कि भूमि पर एक बड़ा कक्ष, जिस तक ढलवाँ रास्ता जाता है
- बाहर रह जानेवाले दर्शक — पाठ किसी देखनेवाले का नाम नहीं लेता
विवरण
ढलवाँ रास्ते के सिरे पर, प्रवेश के पास, एक अकेली आकृति खड़ी है।
लोग पशुओं के साथ जहाज की ओर चलते हैं; एक किसी छोटे पशु की ओर झुकता है।
आगे जल्दी-जल्दी बनी गहरी आकृतियाँ खड़ी होकर देखती हैं।
Rembrandt van Rijn, Dutch, 1606–1669. The Art Institute of Chicago (Clarence Buckingham Collection, 1953.36) · Pen and brown ink and brush and brown ink wash on cream laid paper · Art Institute of Chicago: "CC0 Public Domain Designation" (API record: "is_public_domain": true; https://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/).
