यीशु की आँखों पर एक कपड़ा बँधा है।
कला में बाइबल · लूका
यीशु का उपहास
आल्ब्रेख़्त ड्यूरर · ca. 1508
मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट, न्यूयॉर्क
‘छोटे दुःखभोग’ का यह काष्ठ-छापा, जो लगभग 1508 में काटा गया, महायाजक के सामने सुनवाई के बाद की रात को दिखाता है।
यीशु आँखों पर कपड़ा बँधा बैठा है। पगड़ी पहने एक व्यक्ति उसका सिर खींचता है, एक युवक उसके कान में सींग फूँकता है, दूसरा थप्पड़ मारने को हाथ उठाता है, और आगे दो व्यक्ति उपहास में आदर दिखाते हुए घुटने टेके हैं।
पाठ से
- यीशु की आँखें ढाँपी गईं (लूका 22:64)
- लोग उसे पीटते और उसका उपहास करते हुए: “भविष्यद्वाणी करके बता कि तुझे किसने मारा।” (लूका 22:63–64)
कलाकार का अपना
- कान में फूँका जाता सींग, जर्मन दुःखभोग-चित्रों की गढ़ी हुई एक यातना
- घुटने टेकते उपहास करनेवाले, जो बाद में पिलातुस के सिपाहियों के उपहास से लिए गए (मत्ती 27:29)
विवरण
एक युवक उसके कान में सींग फूँकता है।
दाईं ओर एक व्यक्ति अपना हाथ उठाता है।
एक व्यक्ति उसके आगे घुटने टेके है।
Albrecht Dürer, German, 1471–1528. The Metropolitan Museum of Art, New York (Gift of Junius Spencer Morgan, 1919; acc. 19.73.184) · Woodcut · Public Domain — The Met Open Access (CC0). The Met Collection API record: "isPublicDomain": true; The Met marks such works on its website "with the Creative Commons Zero (CC0) icon".
