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बाइबल झगड़ा और मेल-मिलाप के बारे में क्या कहती है
वे 10 पद जिनकी ओर पाठक इस विषय के लिए सबसे अधिक मुड़ते हैं, इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी से पूरे उद्धृत।
मत्ती 5:9
“धन्य हैं वे, जो मेल करवानेवाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र कहलाएँगे।नीति 15:1
कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध भड़क उठता है।भज 34:14
बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूँढ़ और उसी का पीछा कर।याकू 4:1–2
तुम में लड़ाइयाँ और झगड़े कहाँ से आते है? क्या उन सुख-विलासों से नहीं जो तुम्हारे अंगों में लड़ते-भिड़ते हैं? तुम लालसा रखते हो, और तुम्हें मिलता नहीं; तुम हत्या और डाह करते हो, और कुछ प्राप्त नहीं कर सकते; तुम झगड़ते और लड़ते हो; तुम्हें इसलिए नहीं मिलता, कि माँगते नहीं।मत्ती 18:15–17
“यदि तेरा भाई तेरे विरुद्ध अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समझा; यदि वह तेरी सुने तो तूने अपने भाई को पा लिया। और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुँह से ठहराई जाए। यदि वह उनकी भी न माने, तो कलीसिया से कह दे, परन्तु यदि वह कलीसिया की भी न माने, तो तू उसे अन्यजाति और चुंगी लेनेवाले के जैसा जान।इफि 4:26
क्रोध तो करो, पर पाप मत करो; सूर्य अस्त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।रोम 14:19
इसलिए हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।2 तीमु 2:23–24
पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि इनसे झगड़े होते हैं। और प्रभु के दास को झगड़ालू नहीं होना चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।रोम 12:18
जहाँ तक हो सके, तुम भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।याकू 1:19
हे मेरे प्रिय भाइयों, यह बात तुम जान लो, हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीर और क्रोध में धीमा हो।ये वे पद हैं जिनकी ओर पाठक इस विषय में सबसे अधिक मुड़ते हैं — इस पर कोई शिक्षा नहीं। हर पद को उसके अध्याय में पढ़ें।
स्रोत
हर विषय के पद और उनका क्रम: OpenBible.info के विषय-आधारित आँकड़े, पाठकों के मतों के अनुसार: OpenBible.info · CC BY 4.0
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी · © 2017, 2018, 2019 Bridge Connectivity Solutions, CC BY-SA 4.0; changed: footnotes, headings, the cross references printed in the verses, the speakers' labels in the Song of Songs and the letters over Psalm 119 left out.