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मार्ग
याकूब की यात्राएँ
हारान तक और वापस, फिर मिस्र की ओर · 13 पड़ाव · ≈ 1,790 किमी सीधी रेखाओं में
पड़ाव
- गिलादउत्प 31:21
वह अपना सब कुछ लेकर भागा, और महानद के पार उतरकर अपना मुँह गिलाद के पहाड़ी देश की ओर किया।
- महनैमउत्प 32:2
उनको देखते ही याकूब ने कहा, “यह तो परमेश्वर का दल है।” इसलिए उसने उस स्थान का नाम महनैम रखा।
- पनीएलउत्प 32:30
तब याकूब ने यह कहकर उस स्थान का नाम पनीएल रखा; “परमेश्वर को आमने-सामने देखने पर भी मेरा प्राण बच गया है।”
- सुक्कोतउत्प 33:17
परन्तु याकूब वहाँ से निकलकर सुक्कोत को गया, और वहाँ अपने लिये एक घर, और पशुओं के लिये झोंपड़े बनाए। इसी कारण उस स्थान का नाम सुक्कोत पड़ा।
- शेकेमउत्प 33:18
और याकूब जो पद्दनराम से आया था, उसने कनान देश के शेकेम नगर के पास कुशल क्षेम से पहुँचकर नगर के सामने डेरे खड़े किए।
- हेब्रोनउत्प 35:27
और याकूब मम्रे में, जो किर्यतअर्बा, अर्थात् हेब्रोन है, जहाँ अब्राहम और इसहाक परदेशी होकर रहे थे, अपने पिता इसहाक के पास आया।
- गोशेनउत्प 46:28
फिर उसने यहूदा को अपने आगे यूसुफ के पास भेज दिया कि वह उसको गोशेन का मार्ग दिखाए; और वे गोशेन देश में आए।
रेखाएँ पड़ावों को पाठ के क्रम में जोड़ती हैं — असली रास्ते ज्ञात नहीं हैं। टूटी रेखा: जहाज़ से। हल्का: स्थान अनिश्चित है।
हर बिंदु सबसे संभावित स्थान है (OpenBible.info); हल्का बिंदु बताता है कि पहचान अनिश्चित है। जिन जगहों का स्थान अज्ञात है, वे नक्शे पर नहीं हैं।
स्थान-निर्धारण: OpenBible.info Bible Geocoding Data (CC BY 4.0)।
भूमि की रूपरेखा: Natural Earth (सार्वजनिक डोमेन)।