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एक सप्ताह में पवित्र भूमि · पड़ाव 13 · दिन 4
परीक्षा का मठ
बाइबल में
यरदन से लौटकर यीशु को आत्मा जंगल में ले गया; उसने चालीस दिन और चालीस रात उपवास किया, और शैतान ने उसकी परीक्षा की।
मत्ती 4:1–4
तब उस समय पवित्र आत्मा यीशु को एकांत में ले गया ताकि शैतान से उसकी परीक्षा हो। वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, तब उसे भूख लगी। तब परखनेवाले ने पास आकर उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियाँ बन जाएँ।” यीशु ने उत्तर दिया, “लिखा है, ‘मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।’”लूका 4:1–2
फिर यीशु पवित्र आत्मा से भरा हुआ, यरदन से लौटा; और आत्मा की अगुआई से जंगल में फिरता रहा; और चालीस दिन तक शैतान उसकी परीक्षा करता रहा। उन दिनों में उसने कुछ न खाया और जब वे दिन पूरे हो गए, तो उसे भूख लगी।परंपरा
सुसमाचार किसी पर्वत का नाम नहीं लेते। बीजान्टिन समय से संन्यासियों द्वारा रखी गई परंपरा के अनुसार यीशु ने यरीहो के ऊपर इसी चट्टान पर उपवास किया, जो चालीस दिनों के कारण क्वारंटानिया कहलाती है।
आज यहाँ
19वीं शताब्दी के अंत में फिर से बना एक यूनानी ऑर्थोडॉक्स मठ, जो उपवास की गुफा के चारों ओर खड़ी चट्टान से चिपका है; ऊपर तक रोपवे और एक पगडंडी जाती है।
पुराने तीर्थयात्रियों की नज़र से
… बहुत ऊँचाई पर एक गुफा है, और उसी गुफा में हमारे परमेश्वर मसीह ने 40 दिन उपवास किया, और उसके बाद उन्हें भूख लगी।मठाधीश दानिय्येल, 1106–1108 · हमारा अनुवाद
यात्रा से पहले अपने देश की यात्रा सलाह देख लें। स्थानों के समय और नियम बदलते रहते हैं — उनके आधिकारिक पृष्ठ देखें।
भूमि की रूपरेखा: Natural Earth (सार्वजनिक डोमेन)।