एक व्यक्ति क्रूस पर झुककर बरमे से छेद करता है।
कला में बाइबल · लूका
क्रूस पर कीलों से ठोका जाता यीशु
आल्ब्रेख़्त ड्यूरर · ca. 1509
मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट, न्यूयॉर्क
‘छोटे दुःखभोग’ में ड्यूरर लगभग 1509 में काटा गया एक पूरा पन्ना कीलें ठोकने को देते हैं — वह क्षण जिसे सुसमाचार कुछ ही शब्दों में कह देते हैं: उन्होंने वहाँ उसे क्रूस पर चढ़ाया।
क्रूस भूमि पर पड़ा है। एक व्यक्ति बरमे से लकड़ी में छेद करता है, दूसरा हथौड़े से कील ठोकता है, और आगे एक टोकरी, एक रस्सी और एक सँड़सी पड़ी है। पीछे ढलान पर स्त्रियाँ इकट्ठी हैं और सिपाही भाले लिए खड़े हैं।
पाठ से
- उस जगह क्रूस पर चढ़ाया गया जिसे खोपड़ी कहते हैं (लूका 23:33)
- उसके साथ आई स्त्रियाँ “दूर खड़ी हुई यह सब देख रही थीं” (लूका 23:49)
कलाकार का अपना
- ड्यूरर के समय के बढ़ई के औज़ार: बरमा, हथौड़ा, सँड़सी और बेंत की टोकरी
- क्रूस भूमि पर रहते हुए कीलें ठोकी जाती हुई, जैसी उस समय के चित्रकारों ने कल्पना की
विवरण
दाईं ओर एक व्यक्ति हथौड़ा उठाता है।
औज़ारों की एक बेंत की टोकरी भूमि पर रखी है।
पीछे स्त्रियाँ ढलान पर इकट्ठी हैं।
Albrecht Dürer, German, 1471–1528. The Metropolitan Museum of Art, New York (Gift of Junius Spencer Morgan, 1919; acc. 19.73.193) · Woodcut · Public Domain — The Met Open Access (CC0). The Met Collection API record: "isPublicDomain": true; The Met marks such works on its website "with the Creative Commons Zero (CC0) icon".
