यीशु भारी शहतीर के नीचे घुटनों के बल गिर पड़ा है।
कला में बाइबल · यूहन्ना
क्रूस उठाए यीशु
आल्ब्रेख़्त ड्यूरर · c. 1497–1510
क्लीवलैंड म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट
ड्यूरर ने यह काष्ठ-छापा ‘बड़े दुःखभोग’ के लिए लगभग 1497–1500 में काटा। यह नगर-फाटक के ठीक बाहर जुलूस को दिखाता है।
यीशु क्रूस के नीचे घुटनों के बल गिर पड़ा है और अपना मुँह हमारी ओर करता है। एक सिपाही उसे रस्सी से आगे खींचता है, सवार और सिपाही पीछे भीड़ लगाए हैं, और बाईं ओर स्त्रियाँ पीछे-पीछे आ रही हैं; एक घुटने टेककर एक कपड़ा आगे बढ़ाती है।
पाठ से
- सिपाही उसे ले गए (यूहन्ना 19:16)
- अपना क्रूस उठाए वह नगर से बाहर गया (यूहन्ना 19:17)
- भीड़ में स्त्रियाँ जो उसके लिये छाती-पीटती और विलाप करती थीं (लूका 23:27)
कलाकार का अपना
- कपड़ा लिए स्त्री — बाद की परम्परा की वेरोनिका, जो सुसमाचारों में नहीं है
- भूमि पर गिरा यीशु: मार्ग में गिरना भी परम्परा है
- लोहे की उठनेवाली जाली वाला फाटक और ऊपर एक दुर्ग, ड्यूरर के जर्मनी के किसी नगर जैसा
विवरण
एक स्त्री घुटने टेककर कपड़ा आगे बढ़ाती है — वेरोनिका, बाद की परम्परा की एक आकृति।
एक सिपाही उसे रस्सी से आगे घसीटता है।
अपनी उठी हुई लोहे की जाली के साथ नगर-फाटक।
Albrecht Dürer, German, 1471–1528. The Cleveland Museum of Art (Gift of The Print Club of Cleveland in memory of Ralph King, 1926.117) · Woodcut · Cleveland Museum of Art Open Access: Collection API record "share_license_status": "CC0" (Creative Commons Zero, https://creativecommons.org/publicdomain/zero/1.0/).
