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सीनै · पड़ाव 1 · दिन 1
मूसा के सोते (अयून मूसा)
समुद्र तल से 13 मीटर ऊपर

बाइबल में
समुद्र के बाद इस्राएली तीन दिन जंगल में बिना पानी के चले; मारा में पानी खारा था, जब तक मूसा ने उसमें एक पौधा नहीं डाला और वह मीठा हो गया।
निर्ग 15:22–25
तब मूसा इस्राएलियों को लाल समुद्र से आगे ले गया, और वे शूर नामक जंगल में आए; और जंगल में जाते हुए तीन दिन तक पानी का सोता न मिला। फिर मारा नामक एक स्थान पर पहुँचे, वहाँ का पानी खारा था, उसे वे न पी सके; इस कारण उस स्थान का नाम मारा पड़ा। तब वे यह कहकर मूसा के विरुद्ध बड़बड़ाने लगे, “हम क्या पीएँ?” तब मूसा ने यहोवा की दुहाई दी, और यहोवा ने उसे एक पौधा बता दिया, जिसे जब उसने पानी में डाला, तब वह पानी मीठा हो गया। वहीं यहोवा ने उनके लिये एक विधि और नियम बनाया, और वहीं उसने यह कहकर उनकी परीक्षा की,परंपरा
स्थानीय परंपरा इन सोतों का नाम मूसा पर रखती है और इन्हें मारा या एलीम से जोड़ती है; मारा के दूसरे सुझाए गए स्थान तट के साथ और दक्षिण में हैं।
आज यहाँ
स्वेज़ नगर के दक्षिण में स्वेज़ की खाड़ी के पास रेत में कुछ सोते और खजूर के पेड़।
यात्रा से पहले अपने देश की यात्रा सलाह देख लें। स्थानों के समय और नियम बदलते रहते हैं — उनके आधिकारिक पृष्ठ देखें।
भूमि की रूपरेखा: Natural Earth (सार्वजनिक डोमेन)।